- भोपाल से चुने गए शहर के पाँच अच्छे निजी स्कूल
शिवपुरी। जिले के 20 सरकारी हायर सेकंडरी स्कूलों को निजी स्कूलों की तर्ज पर विकसित करने की कवायद शिक्षा विभाग ने शुरू कर दी है। लोक शिक्षण आयुक्त भोपाल के निर्देश पर भोपाल से जिले के पाँच ख्यातिनाम गीता पब्लिक स्कूल शिवपुरी, शिवपुरी पब्लिक स्कूल, हैप्पी डेज स्कूल, सेंट चाल्र्स स्कूल, सेंट बेनेडिक्ट स्कूल का चयन किया गया है जिनकी तर्ज पर सरकारी 20 ऐसे हायर सेकंडरी स्कूलों में सुधार किया जाएगा। जिनमें पढऩे वाले विद्यार्थियों की संख्या 5 सैकड़ा या उससे अधिक है। इन सरकारी स्कूलों में प्राइवेट स्कूलों की तर्ज पर पढ़ाई हो इसके लिए लोक शिक्षण आयुक्त भोपाल के निर्देश पर इन स्कूलों के प्राचार्य व स्टाफ द्वारा शहर के 5 निजी स्कूलों का भ्रमण गुरुवार से शुरु हुआ। इसके तहत सरकारी स्कूलों के प्राचार्य व स्टाफ शहर के चिह्नित निजी स्कूलों में जाकर वहां की व्यवस्थाओं का जायजा ले रहे हैं और अपनी खामियों को दुरुस्त करेंगे।
सरकारी स्कूलों के शिक्षकों और प्राचार्य की टीम निजी स्कूल शिवपुरी पब्लिक स्कूल पहुंची। जहां आप कमजोर बच्चों को पढ़ाकर कैसे होशियार बना लेते हैं। उनकी शैक्षणिक पद्धति कैसे सुधारते हंै। यह टिप्स तो बताएं, ताकि हम भी सुधार लाएं। यह सवाल टीम ने निजी स्कूल एसपीएस में पहुंचकर वहां के प्राचार्य से पूछा तो जवाब में वे बोले कि हम ऐसे बच्चों के संबंध में अभिभावकों से बात करते है और फिर इनकी पढ़ाई के दौरान शिक्षकों को विशेष फोकस करने के लिए कहते हैं। इससे परिणाम में सुधार आ जाता है।
छात्रों ने रखी अपनी राह, कहा-नियमित आएं शिक्षक
एसपीएस स्कूल में पहुंची प्राचार्य और शिक्षकों की टीम ने स्कूली छात्रों से भी बात की। छात्र छात्राओं की चल रही कक्षाओं में पहुंचकर प्राचार्य की टीम ने पूछा कि आप कहां से है तो वहां के 2 छात्र बोले कि वह बड़ौदी गांव से यहां इस स्कूल में पढाई करने आते है। शिक्षक बोले कि क्या ऐसी ही सुविधा यदि गांव के ही स्कूल में उपलब्ध करा दी जाएं तो क्या वह वहां पढेंगे। जबाब में बच्चे बोले जरूर पढेंगे। पहले वहां के स्कूल में शिक्षकों का आना तो नियमित करो। तभी तो वहां पढाई होगी। इसके साथ ही अन्य जानकारियां भी शिक्षकों ने छात्र-छात्राओं ने ली।
कक्षा में छात्र नहीं आते तो आप क्या करते हैं ? हम एसएमएस से बच्चे के परिजन को सूचना देते हैं
डामरोन कला के प्रभारी प्राचार्य संतोष शर्मा ने प्राचार्य से पूछा कि आपके यहां जो बच्चे अनुपस्थित रहते है। उनके लिए आप क्या करते है।तो जवाब मिला कि हम पहले ही दिन उनके अभिभावकों को एसएमएस भेजते हैं और अगले दिन भी यदि वह बिना सूचना के नहीं आता तो हम बस चालक को बोलते हैं कि वह स्टॉप पर पहुंचने के बाद छात्र के घर जाकर बच्चे को लाए। बस छात्र की उपस्थिति हमारे यहां नियमित हो जाती है।
शहर के इन निजी स्कूलों की तर्ज पर सरकारी स्कूलों को सुधारने की कवायद
राज्य शिक्षा केंद्र के जिला प्रभारी एम यू शरीफ का कहना है कि इसके लिए शहर के गीता पब्लिक स्कूल, शिवपुरी पब्लिक स्कूल व हैप्पी डेज स्कूल, सेंट चाल्र्स स्कूल, सेंट बेनेडिक्ट स्कूल, का चयन किया गया है। खास बात यह हैं कि यह है कि प्राइवेट स्कूलों का यह भ्रमण कार्यक्रम 2 दिन का रखा गया है। जिसमें 18 अप्रेल व 20 अप्रैल को निजी स्कूलों का भ्रमण कर उत्कृष्ट विद्यालयों की तर्ज पर सरकारी स्कूलों की व्यवस्थाओं को अप टू डेट किया जाएगा।








