-लैब में कबाड़ देख भड़के डीईओ, नोटिस जारी मांगा जबाव
केदार सिंह गोलिया, शिवपुरी। शहर के स्कूलों में भारी भरकम स्टाफ तैनात है। कागजों में बच्चे भी सैंकड़ों दर्ज हैं, लेकिन इन स्कूलों की हालत गांव के स्कूलों से ज्यादा बदतर है, जहां सुविधाओं का अभाव है। इसका खुलासा शिवपुरी के नए डीईओ आकाश यादव के निरीक्षण में तब सामने आया जबकि शहर के आदर्श नगर स्थित कन्या हायर सेकेण्डरी स्कूल पहुंचे, यहां डीईओ को न तो बच्चे मिले और न ही पूरा स्टाफ। यहां तक कि लैब में कबाड़ भरा हुआ था स्कूल का संचालन नियम विरूद्ध दो पाली में किया जा रहा है। यह स्थिति देखकर डीईओ नाराजगी तो जताई है पर देखना होगा कि मामले में कब और कितनी कठोर कार्यवाही नए साहब करते हैं।
यहां बताना होगा कि शासकीय कन्या उच्चतर माध्यमिक विद्यालय आदर्श नगर में 800 से अधिक विद्यार्थियों के नामांकित हैं, लेकिन निरीक्षण के समय केवल कक्षा 8 के 9 विद्यार्थी ही मौजूद मिले, जबकि कक्षा 9 से 12 तक का एक भी छात्र-छात्रा विद्यालय में उपस्थित नहीं था। यह स्थिति देख डीईओ ने गहरी नाराजगी जताई।
निरीक्षण के दौरान डीईओ स्वयं विद्यार्थियों की बेंच पर बैठकर कक्षा में चल रहे अंग्रेजी विषय के अध्यापन का अवलोकन किया। उन्होंने एकीकृत विद्यालय की शैक्षणिक व्यवस्था, छात्र उपस्थिति, कक्षाओं की स्थिति और शिक्षण कार्य की बारीकी से समीक्षा की।
विद्यालय की आईटी लैब में शैक्षणिक गतिविधियों के बजाय कबाड़ भरा मिला, जिस पर जिला शिक्षा अधिकारी ने कड़ी आपत्ति जताते हुए इसे संसाधनों की घोर उपेक्षा बताया। उन्होंने प्राचार्य से फीस संरचना सहित अन्य प्रशासनिक व्यवस्थाओं की जानकारी भी ली।
निरीक्षण में स्टाफ की कार्यप्रणाली भी सवालों के घेरे में रही। विद्यालय में 39 कर्मचारी पदस्थ होने के बावजूद चतुर्थ श्रेणी कर्मचारियों में केवल दो ही कार्यरत मिले। एक कर्मचारी जिला पंचायत अध्यक्ष के यहां संलग्न बताया गया, जबकि दूसरा लंबे समय से अनुपस्थित है। दो लिपिक पदस्थ होने के बावजूद दोनों विद्यालय से बाहर संलग्न पाए गए। सबसे गंभीर बात यह रही कि एकीकृत विद्यालय होने के बावजूद विद्यालय का संचालन दो पालियों में किया जा रहा था, जिसे डीईओ ने शासन की मंशा और एकीकृत विद्यालय की अवधारणा के विपरीत माना। छात्रों की बेहद कम उपस्थिति, आईटी लैब की बदहाल स्थिति, स्टाफ की अनुपलब्धता और अव्यवस्थित संचालन पर नाराजगी जताते हुए जिला शिक्षा अधिकारी ने विद्यालय प्रबंधन को तत्काल व्यवस्थाएं सुधारने, छात्र उपस्थिति बढ़ाने तथा उपलब्ध संसाधनों का प्रभावी शैक्षणिक उपयोग सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। निरीक्षण के बाद उन्होंने माध्यमिक विद्यालय बड़ोदी एवं हाई स्कूल बड़ागांव का भी निरीक्षण कर व्यवस्थाओं की समीक्षा की।






