विश्व महिला दिवस पर वक्ताओं ने कहा, नए क्षेत्रों में सहभागिता करो
शिवपुरी। आज कोई भी ऐसा क्षेत्र नहीं है,जहां महिलाओं ने अपनी काबलियत का परचम न लहराया हो। महिलाओं में बुद्धि, शक्ति और पराक्रम की कोई कमी नहीं है, बस उन्हें अवसरों की दरकार होती है। जिन्हें अवसर मिला उन्होंने हर क्षेत्र में कामयाबी हासिल की। महिलाओं के सशक्तिकरण के बगैर सामाजिक विकास का सपना पूरा नहीं हो सकता। यह बात अंतरराष्ट्रीय महिला दिवस के उपलक्ष्य में आयोजित महिला संवाद कार्यक्रम में महिला एवं बाल विकास के जिला कार्यक्रम अधिकारी देवेन्द्र सुंदरियाल ने कही।
उन्होंने महिलाओं को परंपरागत कार्यों के साथ साथ नए क्षेत्रों में सहभागिता करने का सुझाव दिया। जहां महिलाओं की सहभागिता कम है, हमें वहां भी अपनी उपस्थिति दर्ज करानी होगी। हमें खुद अवसरों की तलाश करना होगी। जब तक हम स्वयं सशक्त महसूस नहीं करेंगे, समाजिक उपेक्षाओं का शिकार होते रहेंगे। दहेज उत्पीड़न, घरलू हिंसा, यौन शोषण जैसी यातनाओं से हमें तभी निजात मिलेगी, जब हम सशक्त और जागरूक होंगे। कार्यक्रम की अध्यक्षता कर रहीं सेवानिवृत विकासखंड महिला सशक्तिकरण अधिकारी ओमवती भार्गव ने कहा कि महिला होना कोई कमजोरी नहीं होती, हमारी कमजोरी अज्ञानता है। परामर्शदाता उर्मिला निगम ने महिलाओं से कहा, घर के सभी लोगों का ख्याल रखते हुए कभी-कभी थोड़ा सा अपना ख्याल भी रखें। कार्यक्रम में बाल संरक्षण अधिकारी राघवेंद्र शर्मा, मेंटर्स अनुज दुवे, केशव शर्मा,परहित सामाजिक संस्था के कॉर्डिनेटर प्रदीपसिंह तोमर, शहर की सभी पर्यवेक्षक एवं मुख्यमंत्री सामुदायिक नेतृत्व क्षमता विकास पाठ्यक्रम के प्रशिक्षणार्थी मौजूद रहे।
शिवपुरी। आज कोई भी ऐसा क्षेत्र नहीं है,जहां महिलाओं ने अपनी काबलियत का परचम न लहराया हो। महिलाओं में बुद्धि, शक्ति और पराक्रम की कोई कमी नहीं है, बस उन्हें अवसरों की दरकार होती है। जिन्हें अवसर मिला उन्होंने हर क्षेत्र में कामयाबी हासिल की। महिलाओं के सशक्तिकरण के बगैर सामाजिक विकास का सपना पूरा नहीं हो सकता। यह बात अंतरराष्ट्रीय महिला दिवस के उपलक्ष्य में आयोजित महिला संवाद कार्यक्रम में महिला एवं बाल विकास के जिला कार्यक्रम अधिकारी देवेन्द्र सुंदरियाल ने कही।
उन्होंने महिलाओं को परंपरागत कार्यों के साथ साथ नए क्षेत्रों में सहभागिता करने का सुझाव दिया। जहां महिलाओं की सहभागिता कम है, हमें वहां भी अपनी उपस्थिति दर्ज करानी होगी। हमें खुद अवसरों की तलाश करना होगी। जब तक हम स्वयं सशक्त महसूस नहीं करेंगे, समाजिक उपेक्षाओं का शिकार होते रहेंगे। दहेज उत्पीड़न, घरलू हिंसा, यौन शोषण जैसी यातनाओं से हमें तभी निजात मिलेगी, जब हम सशक्त और जागरूक होंगे। कार्यक्रम की अध्यक्षता कर रहीं सेवानिवृत विकासखंड महिला सशक्तिकरण अधिकारी ओमवती भार्गव ने कहा कि महिला होना कोई कमजोरी नहीं होती, हमारी कमजोरी अज्ञानता है। परामर्शदाता उर्मिला निगम ने महिलाओं से कहा, घर के सभी लोगों का ख्याल रखते हुए कभी-कभी थोड़ा सा अपना ख्याल भी रखें। कार्यक्रम में बाल संरक्षण अधिकारी राघवेंद्र शर्मा, मेंटर्स अनुज दुवे, केशव शर्मा,परहित सामाजिक संस्था के कॉर्डिनेटर प्रदीपसिंह तोमर, शहर की सभी पर्यवेक्षक एवं मुख्यमंत्री सामुदायिक नेतृत्व क्षमता विकास पाठ्यक्रम के प्रशिक्षणार्थी मौजूद रहे।







