जिला चिकित्सालय में 32 नवजात बालिकाओं को भेंट की गई स्वागत किट, बेटी बचाओ-बेटी पढ़ाओ योजना के प्रति किया जागरूक
शिवपुरी। बेटियां परिवार की खुशियों और समाज के उज्ज्वल भविष्य की पहचान हैं। कभी बेटियों को बोझ समझने वाली सोच अब बदल रही है। शासन की महत्वाकांक्षी योजनाओं और सामाजिक जागरूकता के प्रयासों से बेटियां आज हर क्षेत्र में अपनी प्रतिभा का परचम लहरा रही हैं। इसी भावना के साथ अंतरराष्ट्रीय बालिका दिवस के अवसर पर आयोजित पांच दिवसीय गतिविधियों के अंतर्गत शासकीय जिला चिकित्सालय शिवपुरी में नवजात बालिकाओं के स्वागत एवं सम्मान कार्यक्रम का आयोजन किया गया। इस दौरान 32 नवजात बालिकाओं को स्वागत किट प्रदान कर उनके जन्म की खुशियां साझा की गईं।
कलेक्टर अर्पित वर्मा के मार्गदर्शन एवं जिला कार्यक्रम अधिकारी धीरेन्द्र सिंह जादौन के निर्देशन में आयोजित इस कार्यक्रम का उद्देश्य बालिकाओं के प्रति सकारात्मक सोच विकसित करना और समाज में उनके महत्व को रेखांकित करना रहा। कार्यक्रम के दौरान महिला एवं बाल विकास विभाग तथा स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों और कर्मचारियों ने नवजात बालिकाओं का स्वागत करते हुए उनके उज्ज्वल भविष्य की कामना की।
कार्यक्रम में बेटी बचाओ-बेटी पढ़ाओ योजना की जानकारी देते हुए बालिका शिशु लिंगानुपात में सुधार लाने और बेटियों के प्रति समाज की सोच बदलने पर जोर दिया गया। उपस्थित अधिकारियों ने कहा कि बेटियां किसी परिवार पर बोझ नहीं, बल्कि उसका गौरव और वरदान हैं। बेटियों को समान अवसर, बेहतर शिक्षा और सुरक्षित वातावरण उपलब्ध कराना हम सभी की जिम्मेदारी है।
इस दौरान नवजात बालिकाओं के अभिभावकों को शासन की लाड़ली लक्ष्मी योजना के बारे में जानकारी दी गई। साथ ही बालिकाओं को योजना का लाभ दिलाने के लिए निकटतम आंगनबाड़ी केंद्र पर पंजीयन कराने के लिए प्रेरित किया गया, ताकि बेटियों के भविष्य को सुरक्षित और सशक्त बनाने की दिशा में समय पर आवश्यक कदम उठाए जा सकें।
ये रहे उपस्थित
कार्यक्रम में महिला एवं बाल विकास विभाग के सहायक संचालक पवन तिवारी, पर्यवेक्षक आशा दुबे, सामाजिक कार्यकर्ता जितेश जैन तथा स्वास्थ्य विभाग से महिला चिकित्सक नीरजा शर्मा, वार्ड प्रभारी ज्योत्सना डीन सहित अन्य नर्सिंग स्टाफ उपस्थित रहा।









