-खनियाधाना के कफार गांव का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल, ग्रामीणों ने कार्रवाई नहीं होने का लगाया आरोप, आबकारी अधिकारी के विश्वासपात्र उपनिरीक्षक के पास कई प्रभार होने को लेकर भी चर्चा
केदार करामाती
शिवपुरी। पिछोर वृत्त अंतर्गत खनियाधाना क्षेत्र के कफार गांव में आदिवासी महिलाओं ने अवैध कच्ची शराब के खिलाफ खुद मोर्चा संभाल लिया। महिलाओं ने लाठियां लेकर गांव के कथित शराब ठिकानों पर पहुंचकर शराब बनाने की सामग्री नष्ट कर दी तथा तैयार कच्ची शराब और महुआ भी नष्ट कर दिया। इस घटना का वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है।
महिलाओं का आरोप है कि अवैध शराब के कारोबार की शिकायतें कई बार आबकारी विभाग और पुलिस से की गईं, लेकिन अपेक्षित कार्रवाई नहीं हुई। बताया गया कि 12 जुलाई को आदिवासी सहरिया संगठन की बैठक में शराबबंदी का संकल्प लेने के बाद महिलाओं ने यह कदम उठाया। महिलाओं ने चेतावनी दी है कि यदि गांव में दोबारा अवैध शराब का कारोबार शुरू हुआ तो वे फिर इसी तरह विरोध करेंगी।
इधर, इस घटना के बाद आबकारी विभाग की कार्यप्रणाली को लेकर भी सवाल उठ रहे हैं। विभागीय सूत्रों और स्थानीय चर्चाओं के अनुसार आबकारी उपनिरीक्षक राहुल गुप्ता के पास शिवपुरी वृत्त के साथ-साथ लगभग 80 किलोमीटर दूर स्थित पिछोर वृत्त सहित शिवपुरी और पिछोर सर्किल का प्रभार, शिवपुरी-पिछोर वेयरहाउस और कंट्रोल रूम जैसी कई जिम्मेदारियां हैं। ऐसे में स्थानीय स्तर पर यह चर्चा है कि एक ही अधिकारी के पास अनेक प्रभार होने से दूरस्थ क्षेत्रों में नियमित निगरानी और प्रभावी कार्रवाई प्रभावित हो सकती है। हालांकि, इन प्रभारों का आवंटन जिला आबकारी अधिकारी पर निर्भर करता है। एक व्यक्ति के पास इतने ज्यादा प्रभार देखकर प्रतीत होता है जिला आबकारी अधिकारी की नजर में अन्य कोई इतना काबिल, क्षमताबान और भरोसेमंद नहीं है। कफार गांव की घटना के बाद यह सवाल भी उठने लगे हैं कि यदि ग्रामीणों को स्वयं अवैध शराब के खिलाफ मोर्चा संभालना पड़ रहा है, तो संबंधित क्षेत्रों में प्रवर्तन व्यवस्था को और अधिक प्रभावी बनाने की आवश्यकता है या नहीं। इस मामले में आबकारी विभाग का पक्ष सामने आने के बाद स्थिति और स्पष्ट हो सकेगी। इस संबंध में जिम्मेदारों से प्रक्रियाएं लेना चाहीं, लेकिन उन्होंने कॉल रिसीव नहीं किए।






