शिवपुरी। राज्य शिक्षक संघ के प्रांतीय आह्वान पर शुक्रवार को जिले के शिक्षकों ने अपनी विभिन्न लंबित समस्याओं को लेकर माननीय मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के नाम एक ज्ञापन अपर कलेक्टर उमेशचंद्र शुक्ला को सौंपा। इस अवसर पर राज्य शिक्षक संघ के जिलाध्यक्ष स्नेह सिंह रघुवंशी एवं राजेन्द्र पिपलौदा ने बताया कि राज्य शिक्षा सेवा में अध्यापक संवर्ग की नियुक्ति 1 जुलाई 2018 से की गई है, किंतु आज दिनांक तक अध्यापक संवर्ग से नियुक्त शिक्षकों की वरिष्ठता तिथि को लेकर असमंजस की स्थिति बनी हुई है। नियुक्ति दिनांक से वरिष्ठता का लाभ न मिलने के कारण शिक्षक अनेक वैधानिक लाभों से वंचित हो रहे हैं। अत: अध्यापक संवर्ग को नियुक्ति दिनांक से वरिष्ठता का लाभ दिया जाना आवश्यक है।
उन्होंने कहा कि मध्यप्रदेश के शासकीय विद्यालयों के शिक्षक नियमित रूप से विद्यालय पहुंचकर निष्ठापूर्वक कार्य कर रहे हैं, जिसका परिणाम यह है कि प्रदेश की प्रावीण्य सूची में शासकीय विद्यालयों के विद्यार्थी लगातार स्थान प्राप्त कर रहे हैं। इसके बावजूद अव्यवहारिक ई-अटेंडेंस व्यवस्था लागू की गई है, जो ग्रामीण एवं तकनीकी समस्याओं के कारण शिक्षकों के लिए परेशानी का कारण बन रही है। अत: इस व्यवस्था को समाप्त किया जाए तथा ई-अटेंडेंस के आधार पर किसी भी शिक्षक का वेतन रोका या काटा न जाए।
ज्ञापन में यह भी मांग की गई कि मध्यप्रदेश के शासकीय कर्मचारियों को केंद्र सरकार के समान महंगाई भत्ता प्रदान किया जाए। साथ ही सहायक शिक्षक एवं उच्च श्रेणी शिक्षकों को चतुर्थ समयमान वेतनमान का लाभ दिया जाए।
संघ द्वारा स्थानीय मांगों में गुरूजी, पर्यवेक्षक एवं अनुदेशकों को प्रथम नियुक्ति दिनांक से वरिष्ठता का लाभ देने, पूर्व में जारी क्रमोन्नति आदेशों का संकुल प्राचार्यों द्वारा पालन न किए जाने पर नाराजगी व्यक्त करते हुए शीघ्र एरियर भुगतान की मांग की गई। इसके अतिरिक्त 12 वर्ष एवं 24 वर्ष की सेवा पूर्ण करने वाले शिक्षकों के क्रमोन्नति आदेश शीघ्र जारी करने तथा जिले में परवीक्षा अवधि पूर्ण कर चुके लगभग 200 नवीन शिक्षकों के संविलियन आदेश तत्काल जारी किए जाने की मांग रखी गई।
ज्ञापन में यह भी उल्लेख किया गया कि वर्ष 2002 में करैरा विकासखंड में नियुक्त लगभग एक सैकड़ा शिक्षकों को अब तक तीन माह का वेतन भुगतान नहीं किया गया है, जिसके कारण उनका संविलियन लंबित है। शीघ्र वेतन भुगतान कर संविलियन की प्रक्रिया पूर्ण की जाए।
इसके साथ ही शिवपुरी जिले के समस्त विभाग प्रमुखों द्वारा परामर्शदात्री बैठकें आयोजित न किए जाने पर भी चिंता व्यक्त की गई तथा आदिम जाति कल्याण विभाग में 12 वर्ष की सेवा पूर्ण कर चुके शिक्षकों को शीघ्र क्रमोन्नति का लाभ देने की मांग की गई। इस अवसर पर स्नेह सिंह रघुवंशी, कौशल गौतम, राजेन्द्र पिपलौदा, गोविन्द अवस्थी, राहिला आसिफ, नीता श्रीवास्तव, सुनील वर्मा, वत्सराज राठौर, मनमोहन जाटव, अरविंद सरेया, राजेश पाठक, विपिन पचौरी, परखेज़ खान, उमेश करारे, प्रीति शुक्ला, शरद निगम, गुणसागर शर्मा, यादवेंद्र चौधरी, सुरेन्द्र लोधी, बृजेन्द्र भार्गव 'कुल्लूÓ, नगेन्द्र रघुवंशी, सुनील उपाध्याय, राजेश धाकड़, महावीर मुदगल, कपिल पचौरी, दीपक मांझी, अनिल पाराशर, राजीव बाथम सहित अन्य शिक्षक शामिल रहे








