अंतिम दिन मेले में रही भारी भीड़, शहरवासियों ने खूब उठाया लुत्फ
केदार सिंह गोलिया, शिवपुरी। शहर का प्राचीन सिद्धेश्वर वाणगंगा मेला यूं तो वर्षों से नगर पालिका परिषद शिवपुरी खुद लगाती आ रही थी और इस पर हर साल तकरीबन 10 लाख रुपए का बजट भी खर्च करती थी बावजूद इसके पिछले एक दशक में मेला लगातार अपना मूल रूप खोता जा रहा था और बाहर से आने वाले दुकानदार भी अव्यवस्था के चलते किनारा करने लगे थे, लेकिन केबिनेट मंत्री यशोधरा राजे सिंधिया और कलेक्टर अक्षय कुमार सिंह के निर्देशन में इस बार नगर पालिका सीएमओ शैलेश अवस्थी द्वारा नई पहल की गई। नपा ने अपने खजाने से पैसा खर्च कर मेला लगाने की बजाय टेंडर आमंत्रित किए और 18 लाख रुपए उल्टा नपा को मेले के आयोजक ठेकेदार से हासिल हुए। हालांकि यह काम इतना आसान नहीं था, क्योंकि शुरूआत में दुकानदारों के बीच पुरानी जगह को लेकर विवाद की स्थिति बनी, लेकिन सीएमओ श्री अवस्थी ने स्थिति को अच्छे से संभाला और शर्तों के अनुरूप ठेकेदार से मेले को सुव्यवस्थित ढंग से लगवाया।
जो दुकानदार पहले टेंडर प्रक्रिया को लेकर असंतुष्ट थे वहीं बाद में खुश नजर आए और आगामी वर्षों में भी इसी प्रकार से मेले के आयोजन की बात कहते नजर आए। आम लोगों से लेकर दुकानदारों का कहना था कि इस बार मेला पहले से कहीं बेहतर व सुव्यवस्थित नजर आया। इसके लिए उन्होंने केबिनेट मंत्री यशोधरा राजे सिंधिया, कलेक्टर अक्षय कुमार सिंह सहित नगर पालिका सीएमओ शैलेश अवस्थी का आभार जताया। कुल मिलाकर मेले को लेकर नया प्रयोग न केवल कारगर साबित रहा था, बल्कि नपा के लिए भी खर्च की बजाय आय का साधन भी साबित हुआ। रविवार को मेले का अंतिम दिन होने से खासी भीड़ रही और मेले में लगी सभी दुकानों सहित झूलों पर लोग उत्साहित नजर आए।
बड़े शहरों की तर्ज शिवपुरीवासियों ने उठाया झूलों का लुत्फ
धूल-मिट्टी से दुकानदारों सहित आम लोगों को मिली राहत
सिद्धेश्वर मेला ग्राउण्ड में लाल मिट्टी है जिसकी वजह से दुकानदारों को आंधी तूफान चलने पर दुकानदारों का सामान खराब होता था, लेकिन इस बार ठेकेदार द्वारा पूरे मेले में हरे कलर की मैटी बिछवाई गई जिसकी वजह से न केवल मेले की दुकानदारों को, बल्कि आम लोगों को भी धूल मिट्टी से राहत मिली।
क्या कहते हैं दुकानदार
-मैं काफी वर्षों से यहां पर दुकान लगाता आ रहा हूं। सिद्धेश्वर मेला पारंपरिक मेला है पहले नगर पालिका द्वारा मेला लगाया जाता था तब जो सुविधाएं मिलती थीं उसकी तुलना में इस बार ठेकेदार द्वारा जो सुविधा दी गई हैं वह कहीं अधिक बेहतर हैं। ठेकेदार द्वारा मेले को नए ढंग से तैयार कराया गया है। साफ स्वच्छ वातावरण के साथ मेला लगाया गया है। सभी प्रांतों से यहां पर दुकानों आई हुई हैं। इस बार का मेले का अनुभव काफी अच्छा रहा है, हमें सुविधाएं काफी मिलीं हैं। मैं काफी मेलों में दुकानें लगाता हूं, लेकिन इस बार सिद्धेश्वर मेले में दुकान लगाने में जो आनंद आया है वह यादगार रहेगा। साथ ही महाराज साहब को मैं धन्यवाद देता हूं कि उन्होंने नगरपालिका से टेंडर द्वारा मेला लगवाया। इसके अलावा कलेक्टर साहब सीएमओ साहब सहित समस्त प्रशासन का धन्यवाद करता हूं। मैं चाहता हूं कि इसी तरह के प्रयोग शिवपुरी होते रहें जिससे लोगों को मोटिवेशन मिले और दुकानदारों को फायदा मिला।
अनिल, दुकानदार
-पहली बार मेले में आए हैं। इंदौर, ग्वालियर, दिल्ली सहित हम तकरीबन हरेक जगह झूला लगाते हैं। अभी भोपाल से आए हैं। शिवपुरी में एक बार झूला लगाने की इच्छा थी और मेला लगाया अच्छा लगा। सभी ने बहुत सहयोग किया। बच्चे भी आए धंधा ठीक हुआ है।
बामन सिंह देशवाल, झूला दुकानदार
-96 साल के पापड़ व्यवसायी संतोषीलाल का उत्साह देखते बन रहा था। उनका कहना था कि वह 55 साल से दुकान लगा रहे हैं। इस बार अच्छा प्रोफिट हुआ है और यदि वह जिंदा रहे तो अगले वर्ष मेले में दुकान अवश्य लगाएंगे।
संतोषीलाल, दुकानदार मामा बाजार लश्कर
क्या कहते हैं शहरवासी
मेला घूमने आए नीलेश और मोहन राठौर कहना कहना था कि मेला जल्दी खत्म हो रहा है और हम तो चाहते हैं कि यह मेला 15-20 दिन और लगे। हमने मेले का खूब मजा लिया है। हम कई बार दोस्तों के साथ मेला आ घूम चुके हैं।












