केदार सिंह गोलिया, 7999366077
शिवपुरी। जिलेभर में बौद्ध धर्म के अनुयायियों द्वारा बौद्ध धर्म के प्रवर्तक भगवान बौद्ध की जयंती उत्साह एवं उमंग के साथ मनाई गई। कोरोना संक्रमण के चलते विगत वर्षों की तरह सामूहिक रूप से भगवान बुद्धि की जयंती न मनाते हुए सभी लोगों द्वारा अपने-अपने घर पर परिवार के साथ ही मनाई गई। इस दौरान मोमबत्तियां एवं दीपक जलाकर एवं पुष्प अर्पित कर भगवान बुद्ध को नमन किया। इसके अलावा घरों के द्वार पर भी दीपक रखकर रोशनी की गई।
इस दौरान सभी ने भगवान बुद्ध द्वारा बताए मार्ग पर चलने और उनके विचारों को जीवन में उतारने का संकल्प लिया। महिला, पुरुषों के अलावा बच्चों में भी बुद्ध जयंती को लेकर काफी उत्साह देखा गया। इस दौरान हॉस्टल अधीक्षक आरसी दिवाकर, अध्यापक एमएल जाटव, आदित्य प्रकाश माथुर, एड. विजय सिंह बौद्ध, आरपी जोहरी, रघुवीर जाटव, राजेन्द्र नरवरिया नरवर, राजेन्द्र जाटव करही वाले सहित हजारोंं लोगों द्वारा भगवान बुद्ध की जयंती मनाई। खासबात यह रही कि बौद्ध भगवान की तस्वीर के पास में ही भारत रत्न, संविधान निर्माता बाबा साहेब डॉ. भीमराम अम्बेडकर जी की तस्वीर भी रखी गई और उन्हें भी नमन किया गया क्योंकि उनके द्वारा लाखों लोगों के साथ बौद्ध धर्म की दीक्षा लेने के बाद से अम्बेडकरवादी बौद्ध धर्म की ओर अग्रसर हुए हैं। हालांकि बाबा साहब का बौद्ध धर्म का जो सपना था वह अभी अधूरा ही बना हुआ है क्योंकि आज भी उनको मानने वाले लोग अंधविश्वास और झूठे आडम्बरों में फंसे हुए नजर आते हैं।
यहां बता दें कि वैशाख पूर्णिमा के दिन ही बुद्ध पूर्णिमा मनाई जाती है। गृहत्याग के पश्चात सिद्धार्थ सात वर्षों तक वन में भटकते रहे। यहां पर उन्होंने कठोर तप किया और अंतत: वैशाख पूर्णिमा के दिन बोधगया में बोधि वृक्ष के नीचे उन्हें बुद्धत्व ज्ञान की प्राप्ति हुई। तभी से यह दिन बुद्ध पूर्णिमा के रूप में मनाया जाता है।

























