शिवपुरी। कृषि सेवा केंद्र खतौरा से खरीदी गई फफूंदनाशक दवा के छिड़काव के बाद किसानों की चना एवं मसूर की फसल नष्ट होने के मामले में कृषि विभाग की जांच में गंभीर अनियमितताएं सामने आई हैं। कृषि विभाग की रिपोर्ट के आधार पर कीटनाशक निरीक्षक (एसडीओ) के आवेदन पर दवा कंपनी के प्रबंधक, जिला प्रभारी एवं संबंधित दुकानदार के खिलाफ इंदर थाना में एफआईआर दर्ज की गई है।
ग्राम ऐवड़ा निवासी किसान शैलेन्द्र यादव, दिनेश लोधी सहित अन्य किसानों तथा ग्राम बिचरौनी के किसान कार्तिक यादव और जगमोहन सिंह यादव ने 20 जनवरी 2026 को कलेक्टर जनसुनवाई में शिकायत दर्ज कराई थी। किसानों ने बताया कि उन्होंने अव्वल कृषि केंद्र खतौरा से चना और मसूर की फसल के लिए “क्लीनिया” नामक फफूंदनाशक दवा खरीदी थी। दवा का छिड़काव करने के कुछ दिनों बाद ही फसल में झुलसन दिखाई देने लगी और धीरे-धीरे पूरी फसल बर्बाद हो गई।
फसल नुकसान की शिकायत के बाद किसानों ने विरोध प्रदर्शन किया तथा कुछ समय के लिए ट्रैफिक जाम की स्थिति भी बनी। इसके बाद कृषि विभाग ने मामले को गंभीरता से लेते हुए त्वरित कार्रवाई की। कृषि विभाग के उप संचालक के निर्देश पर जिला स्तरीय जांच दल का गठन किया गया, जिसमें कृषि विभाग के अधिकारियों को शामिल किया गया।
जांच दल ने 21 जनवरी को प्रभावित खेतों का मौके पर निरीक्षण किया। निरीक्षण के दौरान पाया गया कि दवा के प्रभाव से चना फसल की पत्तियां झुलस चुकी थीं और कई स्थानों पर पौधे पूरी तरह जल गए थे। कृषि विभाग की प्रारंभिक जांच रिपोर्ट में यह स्पष्ट हुआ कि संबंधित दवा के उपयोग से फसल को भारी नुकसान हुआ है।
कृषि विभाग की जांच रिपोर्ट के आधार पर कीटनाशक निरीक्षक (एसडीओ) द्वारा इंदर थाना में आवेदन प्रस्तुत किया गया। पुलिस ने श्रीकर बायोटेक प्राइवेट लिमिटेड के प्रबंधक, शिवपुरी जिला प्रभारी एवं अव्वल कृषि केंद्र खतौरा के दुकानदार के खिलाफ एफआईआर दर्ज कर मामले को विवेचना में ले लिया है।
कृषि विभाग के अधिकारियों ने बताया कि किसानों के हितों को ध्यान में रखते हुए दोषियों के खिलाफ कठोर कार्रवाई की जाएगी। साथ ही किसानों को हुए नुकसान के आकलन एवं आगे की प्रक्रिया को लेकर भी विभाग द्वारा आवश्यक कदम उठाए जा रहे हैं।








