शिवपुरी। शहर में गंदगी का चरम इतना बढ गया है कि लोगों को अब जागरूक करना पड़ रहा है कि आप गंदगी को ना फैलायें। गंदगी होने के कारण हम स्वयं इतने बीमार हो जातें कि बाद में हमें ना जाने कितने अस्पताल और डॉक्टर बदलने पड़ते हैं उसके बाद पश्चाताप होता है कि हम हमारे ही कारण बीमार हुए हैं। नगर पालिका प्रशासन इस गंभीर विषय पर मौन है और वह अनदेखी कर रहा है कि शहर की गंदगी को साफ सुथरा करने सफाईकर्मी को कितनी बीमारी हो सकती हैं वह अपने हाथों से कीटनाशक तथा अन्य दवाओं का छिड़काव करते तथा वह शहर के बड़े-बड़े नालों में उतरकर उसकी गंदगी को साफ करते हैं इतनी खतरनाक और बिसैली गैस सफाईकर्मियों की जान भी ले सकती है अपितु नगर पालिका और प्रशासन को मालूम होने के बावजूद भी वह सफाईकर्मियों को ना दस्ताने और उनकी सुरक्षा के लिए कोई भी वस्तु उन्हें उपलब्ध नहीं होती तथा उनका ना स्वास्थ्य का चैकअप किया कि उनके शरीर में बीमारी है या होने वालीं है। सिर्फ सिर्फ उन्हें उनसे नगर पालिका प्रशासन शहर की गंदगी को साफ करवाता है, अपितु उन्हें यह पता नहीं है कि शहर की गंदगी को साफ करने वाला व्यक्ति हैं कोई मशीन नहीं जो बीमार नहीं होंगे। नगर पालिका प्रशासन को उनकी सुरक्षा और स्वास्थ्य की देखभाल प्रतिमाह कैंप लगाकर किया जाना चाहिए। उन्हें सफाई करने के लिए दस्ताने जैसी अन्य वस्तुओंए उपलब्ध कराना चाहिए नगर पालिका प्रशासन इतनी सारी सुविधाएं कर रहा है स्वच्छता के नाम पर उनका सटीक तरीके से निर्वहन ना होने के कारण अस्वच्छता हमारे शहर में फैली हुई है।
इनका कहना है
आपके इस मुद्दे को उठाया इसके लिए मैं धन्यवाद देता हूं शहर ही नहीं बल्कि पूरे देश की गंदगी को साफ करने वाला व्यक्ति अगर सुरक्षित नहीं है तो फिर देश और शहर की गंदगी कैसे साफ होगी। नगरीय प्रशासन विभाग को उनके लिए यह दस्ताने जैसी अन्य वस्तुएं उपलब्ध कराना चाहिए और उनका स्वास्थ्य प्रतिमाह कैंप लगाकर चैक अप किया जाना चाहिए तथा उन्हें भी सारी सुविधाएं उपलब्ध कराई जाएं आपने सफाईकर्मियों के हित के लिए आवाज उठाई उसके लिए मैं आपका शुक्रिया अदा करता हूं एवं आभारी हूं।
सुधीर कोड़े, प्रदेश अध्यक्ष
अखिल भारतीय सफाई मजदूर कांग्रेस मध्यप्रदेश







