शिवपुरी। प्राइवेट स्कूलों का तीन दिवसीय पांचवां राष्ट्रीय अधिवेशन विगत दिवस बेंगलुरु में आयोजित किया गया। जिसमें 29 राज्यों के 180 प्रतिनिधियों ने भाग लिया। जिसमें मध्य प्रदेश से पवन कुमार शर्मा चेयरमैन मध्यप्रदेश (डायरेक्टर गीता पब्लिक स्कूल शिवपुरी) व राजकुमार शर्मा अध्यक्ष जिला शिवपुरी ने भाग लिया। भारत सरकार के प्रतिनिधि के रूप में सांसद हरी प्रसाद एवं पुलिस डीआईजी भास्कर राय एवं इंग्लैंड से पधारी हुई शिक्षाविद डॉ साइना खान एवं प्रत्येक राज्य के प्रतिनिधियों ने अपने विचार प्रकट किए।
राष्ट्रीय अध्यक्ष सैयद शमा, एल अहमद की अध्यक्षता में सभी लोगों ने नई शिक्षा नीति का पूरे देश में विरोध करने का निर्णय लिया और समिति द्वारा प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी एवं केंद्रीय शिक्षा मंत्री के सामने अपना विरोध प्रकट करने का प्रस्ताव पास किया। अधिवेशन को संबोधित करे हुए मप्र चेयरमैन पवन कुमार शर्मा ने कहा कि विद्यार्थियों में स्ट्रेस एजुकेशन की ट्रेनिंग ला सकती है तनाव में कमी। बच्चों में विषम परिस्थितियों से लडऩे की क्षमता कम होती जा रही है। तो क्या आज के बच्चों को स्ट्रेस लेना ही नहीं चाहिए? क्या स्ट्रेस बच्चों के लिए खतरनाक है? इसका जवाब है नहीं। हमें बच्चों में ऐसी क्षमताओ का विकास करना है जो उन्हें विषम परिस्थितियों में भी पॉजिटिव एटीट्यूड रखने की प्रेरणा दें। हमें बच्चों को कमजोर नहीं, मजबूत बनाना है जो ना केवल शारीरिक रूप से मजबूत हों बल्कि दिमागी रूप से भी सुदृढ़ हो। ताकि वे विषम परिस्थितियों को आसानी से झेल जाए। इसलिए स्ट्रेस एजुकेशन बच्चों के लिए हानिकारक नहीं बल्कि लाभप्रद भी हैं। यह बच्चों के विकास में मदद करता है, बच्चों की रचनात्मकता को बढ़ाता है। बच्चों को सफल बनाने में मोटिवेट करता है। अभी हाल ही में सूरत कोचिंग सेंटर में लगी आग में काफी छात्रों को अपनी जान गंवानी। हमें छात्रों में पढ़ाई के साथ-साथ इन विषम परिस्थितियों में अपने दिमागी संतुलन को न खोते हुए उन पर विजय हासिल करने की कलाओं को विकसित करना है। खासबात यह है कि अधिवेशन में जिस मुद्दे को प्रमुखता से रखा गया उसे शिवपुरी के गीता पब्लिक स्कूल में पूर्व से ही अपनाया जा रहा है। इसलिए स्ट्रेस एजुकेशन का श्रेय जाता है गीता पब्लिक स्कूल को। जहां छात्रों को पढ़ाई के साथ-साथ इन विषम परिस्थितियों से जूझने व उनपर विजय हासिल करने पर भी ध्यान दिया जाता है।








