-जनसुनवाई में शिकायत के बाद तीन सदस्यीय दल ने की थी जांच, प्रतिवेदन पर कलेक्टर के अनुमोदन उपरांत डीईओ की कार्रवाई
शिवपुरी। जिले में शिक्षा विभाग एवं आदिवासी विकास विभाग (आदिम जाति कल्याण) में कार्यरत सरकारी शिक्षकों के नियम विरूद्ध तरीके से ट्यूशन पढ़ाने को लेकर शिवपुरी कलेक्टर अर्पित वर्मा ने कड़े तेवर अख्तियार कर लिए हैं। इसी शैक्षणिक सत्र में अगस्त माह में सरकारी शिक्षकों के ट्यूशन पढ़ाने की शिकायत कलेक्टर की जनसुनवाई में पहुंची थी, कलेक्टर के निर्देश पर जिला शिक्षा अधिकारी आकाश सिंह यादव ने योजना अधिकारी रोहिणी अवस्थी, प्राचार्य एनके जैन व प्राचार्य अर्चना शर्मा के नेतृत्व में तीन सदस्सीय दल गठित किया था। जांच दल की, रिपोर्ट के बाद कलेक्टर ने चार शिक्षकों पर कार्रवाई अनुमोदित की, जिसके आधार पर डीईओ ने पोहरी के प्राथमिक विद्यालय पाटनपुर में पदस्थ प्राथमिक शिक्षक गोविंद धाकड़ को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया है, जबकि शिक्षा विभाग में ही कार्यरत उच्च माध्यमिक शिक्षक देवेंद्र धाकड़ उमावि सिरसौद व गोविंद धाकड़ उत्कृष्ट उमावि शिवपुरी के खिलाफ अनुशासनात्मक कार्रवाई का प्रस्ताव आयुक्त को भेजा है। कार्रवाई की जद में आए आदिवासी विकास विभाग के कन्या आश्रम में कार्यरत शिक्षक कृष्णकांत राठौर के खिलाफ भी अनुशासनात्मक कार्रवाई का प्रस्ताव डीओ ट्रायवल को भेजा गया है। ट्यूशन पढ़ाने वाले शिक्षकों पर कलेक्टर के तीखे तेवरों के एसे अन्य शिक्षकों में भी हड़कंप की स्थिति निर्मित हो गई है।
नाम बदलकर पढ़ा रहा था ट्यूशन, बच्चे भी उसी नाम से पहचानते
जांच दल में शामिल योजना अधिकारी रोहिणी अवस्थी ने बताया कि, शिकायत के आधार पर जांच दल ने विभिन्न कोचिंगों की आकस्मिक जांच अलग अलग दिनों में की थी।जब टीम 11 अगस्त को महल रोड विश्वास क्लिनिक के पास संचालित केसीआई कोचिंग पर पहुंची तो वहां गोविंद धाकड़ बच्चों को पढ़ाते मिले। टीम को उन्होंने अपना नाम राहुल बताया और बच्चे भी शिक्षक को राहुल नाम से ही जानते थे। कोचिंग संचालक रोहित त्रिपाठी ने भी बताया कि वे राहुल को पांच हजार रुपये महीने प्रतिमाह देते हैं। टीम ने गोविंद धाकड़ के फोटो भी खींचे थे। पुन: जब 18 अगस्त को टीम कोचिंग पर पहुंची तो गोविंद धाकड़ पढ़ाते मिले और बच्चों ने उन्हें राहुल नाम से ही पहचानते हुए नियमित कोचिंग पढ़ाने की बात कथन में कही। इसी बीच टीम को जब यह खबर लगी कि, उक्त शिक्षक राहुल नहीं बल्कि पोहरी में पदस्थ एक सरकारी शिक्षक है। इस पर टीम ने उक्त फोटो पोहरी बीईओ अवधेश सिंह तोमर को भेजा और पड़ताल कराई तो इस बात की पुष्टि हुई कि, खुद को राहुल बताने वाला यह शिक्षक गोविंद धाकड़ है। मामले में गोविन्द को निलंबित किया गया है।







