सरस्वती विद्यापीठ आवासीय विद्यालय में विभाग स्तरीय प्रबंध समिति सम्मेलन का समापन
शिवपुरी। विद्या भारती मध्यभारत प्रांत की योजनानुसार सरस्वती विद्यापीठ आवासीय विद्यालय, शिवपुरी में आयोजित शिवपुरी विभाग के दो दिवसीय प्रबंध समिति सम्मेलन का समापन हुआ। सम्मेलन में विद्यालयों के शैक्षिक विकास, प्रबंध समितियों की भूमिका, वित्तीय पारदर्शिता और आगामी सत्र की कार्ययोजना सहित विभिन्न विषयों पर चर्चा की गई। वक्ताओं ने विद्यालयों को संस्कारयुक्त शिक्षा के प्रभावी केंद्र बनाने और प्रबंध समितियों को अधिक सक्रिय एवं उत्तरदायी भूमिका निभाने का आह्वान किया।
समापन अवसर पर सरस्वती विद्या प्रतिष्ठान मध्यप्रदेश, भोपाल के उपाध्यक्ष शिरोमणि दुबे ने कहा कि विद्यालयों के विकास में प्रबंध समितियों की भूमिका अत्यंत महत्वपूर्ण है। विद्यालय केवल भवन और संसाधनों से नहीं, बल्कि समाज के सहयोग, समर्पित कार्यकर्ताओं के परिश्रम और सुनियोजित कार्यप्रणाली से आगे बढ़ते हैं। समिति के प्रत्येक पदाधिकारी को विद्यालय के उद्देश्यों के प्रति प्रतिबद्ध रहकर अपनी जिम्मेदारियों का निर्वहन करना चाहिए। शिक्षा का उद्देश्य केवल किताबी ज्ञान देना नहीं, बल्कि विद्यार्थियों का सर्वांगीण विकास कर उन्हें संस्कारवान, अनुशासित और राष्ट्र के प्रति समर्पित नागरिक बनाना है। इसके लिए विद्यालय प्रबंधन, आचार्यों, अभिभावकों और समाज के बीच समन्वय आवश्यक है।
सरस्वती विद्या प्रतिष्ठान मध्यप्रदेश की सह सचिव रश्मि रघुवंशी ने संगठनात्मक सक्रियता और सामूहिक सहभागिता पर जोर देते हुए कहा कि विद्यालयों की प्रगति के लिए प्रबंध समितियों का सक्रिय रहना, कार्यकर्ताओं के बीच समन्वय बनाए रखना और निर्धारित योजनाओं की नियमित समीक्षा करना जरूरी है। प्रत्येक विद्यालय को अपनी उपलब्धियों के साथ चुनौतियों का भी मूल्यांकन करना चाहिए, ताकि आगामी सत्र में योजनाबद्ध तरीके से बेहतर कार्य किया जा सके।
प्रतिष्ठान के कोषाध्यक्ष एवं चार्टर्ड अकाउंटेंट मुकेश राजपूत ने वित्तीय प्रबंधन और पारदर्शिता के संबंध में प्रशिक्षण दिया। उन्होंने समिति के पदाधिकारियों को आय-व्यय का व्यवस्थित संधारण, लेखा अभिलेखों का रखरखाव और वित्तीय नियमों के पालन की जानकारी दी। उन्होंने कहा कि किसी भी शैक्षणिक संस्था के सुचारु संचालन के लिए आर्थिक अनुशासन, पारदर्शिता और उत्तरदायित्व आवश्यक हैं। वित्तीय अभिलेखों का नियमित संधारण संस्था की विश्वसनीयता को मजबूत बनाता है।
सम्मेलन के दौरान शिवपुरी विभाग के अंतर्गत आने वाले शिवपुरी, श्योपुर, दतिया और अशोकनगर जिलों के विद्यालयों की पिछले सत्रों की कार्यप्रगति की समीक्षा की गई। शैक्षिक गतिविधियों, विद्यालयों की व्यवस्थाओं, विद्यार्थियों के सर्वांगीण विकास और प्रबंध समितियों के कार्यों पर विचार-विमर्श किया गया। साथ ही आगामी सत्र के लिए कार्ययोजना तैयार करने, निर्धारित लक्ष्यों को समय पर पूरा करने और विद्यालयों की व्यवस्थाओं को अधिक प्रभावी बनाने पर सहमति बनी।
कार्यक्रम का शुभारंभ मां सरस्वती के समक्ष दीप प्रज्ज्वलन और सरस्वती वंदना के साथ हुआ। सम्मेलन में सरस्वती विद्या प्रतिष्ठान मध्यप्रदेश, भोपाल के सदस्य एवं शिवपुरी जिला प्रतिनिधि कुंजबिहारी चतुर्वेदी, मूलचंद कबीरपंथी, राघवेंद्र सिंह परिहार, शिवपुरी विभाग समन्वयक रामकुमार व्यास, सरस्वती विद्यापीठ आवासीय विद्यालय के प्रबंधक पवन शर्मा और सह प्रबंधक जितेंद्र परसाई सहित शिवपुरी, श्योपुर, दतिया एवं अशोकनगर जिलों के सरस्वती शिशु मंदिर विद्यालयों के प्राचार्य और प्रबंध समितियों के पदाधिकारी उपस्थित रहे। दो दिवसीय सम्मेलन में विद्यालयों की कार्यप्रणाली को सुव्यवस्थित बनाने, वित्तीय अनुशासन मजबूत करने और आगामी सत्र की योजनाओं को प्रभावी ढंग से लागू करने के लिए मार्गदर्शन प्रदान किया गया।








