शिवपुरी। एनडीएमसी कन्वेंशन सेंटर दिल्ली में भारत की पहली शिक्षा क्षेत्र की इंटरनेशनल कॉन्फ्रेंस का आयोजन किया गया। स्टेट प्रेसिडेंट पवन कुमार शर्मा ने बताया कि अर्ली चाइल्डहुड केयर एजुकेशन एंड रिसर्च विषय पर मंथन के लिए दिल्ली के एनडीएमसी कन्वेंशन सेंटर में पहले इंटरनेशनल कांफ्रेंस का आयोजन किया गया इसमें 12 देशों से 300 शिक्षाविद सम्मिलित हुए। शिक्षा से जुड़े क्षेत्रों के विशेषज्ञों ने विभिन्न पैनल डिस्कशन के माध्यम से अपने विचार और रिसर्च को सभी तक पहुंचाया। इन पैनलों में देश के जाने-माने साइंटिस्ट, बच्चों के डॉक्टर, सभी बड़े फ्रेंचाइजी ग्रुप, चाइल्ड साइकैटरिस्ट, न्यू एजुकेशन पॉलिसी एंड नेशनल करिकलम फ्रेमवर्क के विशेषज्ञ, ब्रेन मैपिंग और एनालिसिस स्पेशलिस्ट के पैनल थे। उनकी अपनी अपनी रिसर्चेस और नॉलेज को सभी के साथ शेयर किया गया। कन्वेंशन की फाइनल रिपोर्ट में उनके विचारों और रिसर्चेस को शामिल किया गया। गीता पब्लिक स्कूल के संचालक पवन कुमार शर्मा, उनके ग्रुप से मि. राजकुमार शर्मा राजेंद्र मेमोरियल स्कूल, मि. कृष्ण मोहन गुप्ता संस्कार स्कूल ग्वालियर, मि. कपिल गुप्ता मैक्स
इंटरनेशनल करनाल से सम्मिलित हुए शर्मा ने हाइपर एक्टिव स्टूडेंट कि बढ़ते हुए केसेस पर अपनी बात रखी ग्लोबल फाऊंडेशन फॉर अर्ली चाइल्डहुड एजुकेशन एंड रिसर्च के फाउंडर एंड चेयरपर्सन डॉ मसूदा यासमीन, ट्रस्टी एंड सीईओ एडवोकेट पीयूष पंडित, को-फाउंडर एंड सीओओ अनामिका झा, वाइस प्रेसीडेंट डॉ अंशु चक्रवर्ती ने प्रोग्राम को संपन्न कराया। ग्लोबल फाऊंडेशन फॉर अर्ली चाइल्डहुड एजुकेशन एंड रिसर्च के फाउंडर एंड चेयरपर्सन डॉ मसूदा यासमीन, ट्रस्टी एंड सीईओ एडवोकेट पीयूष पंडित, को-फाउंडर एंड सीओओ अनामिका झा, वाइस प्रेसीडेंट डॉ अंशु चक्रवर्ती ने प्रोग्राम को संपन्न कराया।









