कलियुगी मां ने अपना पाप छुपाने के लिए फेंका नवजात शिशु को
शिवपुरी। मां भगवान का रूप होती है, मगर जब वही मां अपने बच्चे को मरने के लिए फेंक दे तो उसे क्या कहेंगे? ऐसा ही मामला पोहरी थाना क्षेत्र के ग्राम परिच्छा में सामने आया जहां सड़क किनारे जन्म के बाद ही किसी कलयुगी मां ने अपनी नवजात लाडो को फेंक दिया था। आने जाने वाले ग्रामीणों ने झाडिय़ों में बच्चे के रोने की आवाज सुनी तो पास जाकर देखा तो पाया कि एक नवजात शिशु रो रहा है और उसके शरीर को चीटियां खा रही थी। बच्ची की किस्मत अच्छी थी कि उसके ऊपर किसी जानवर की नजर नहीं पड़ी थीं। बच्ची की एक झलक पाने के लिए ग्रामीणों का हुजूम उसके उमड़ पड़ा। बच्चे को फेंके जाने पर ग्रामीण तरह-तरह की बात कह रहें हैं। लावारिश शिशु फेंके जाने की सूचना पाकर पोहरी थाना प्रभारी पूनम सविता मौके पर पहुंची और तुरंत बच्ची को इलाज पोहरी स्वास्थ्य केंद्र में भर्ती कराया जहां बच्ची का स्वास्थ्य ठीक बताया जा रहा है। बाद में सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र के डॉक्टर्स द्वारा बच्ची का स्वस्थ होने पर उसे शिवपुरी जिला अस्पताल के नवजात शिशु केयर यूनिट में भर्ती कराया गया है। थाना प्रभारी पोहरी द्वारा अज्ञात आरोपी के विरुद्ध मामला पंजीबद्ध कर लिया है तथा क्षेत्र में आसपास नवजात शिशु के माता-पिता, परिवारजन के बारे में जानकारी एकत्रित की जा रही है। यहां बता दें कि नवजात को फेंकना दण्डनीय अपराध तो है ही साथ ही यह मानवता को भी कलंकित करने वाला है इसलिए इससे बचने के लिए इसे समर्पित किया जा सकता है और ऐसे करने पर विभाग द्वारा उसकी पहचान को भी गोपनीय रखा जाता है।
इनका कहना है
नवजात बालिका को झाडिय़ों में छोड़ देना निश्चय ही क्रूरता की श्रेणी में आता है, जिसके लिये कानून में कठोर सजा का प्रावधान है। यदि बच्चा अनचाहा है, तो कानून में उसे समर्पित करने का प्रावधान है। समर्पित करने वाले का नाम और पहचान भी गोपनीय रहती है। बच्चों का समर्पण किसी भी स्वास्थ्य केंद्र, वन स्टॉप सेंटर,महिला एवं बाल विकास के किसी भी परियोजना कार्यालय,बाल कल्याण समिति में किया जा सकता है। बच्चे के समर्पण के लिये चाइल्ड लाइन नंबर 1098 पर भी संपर्क किया जा सकता है।
- राघवेंद्र शर्मा, बाल संरक्षण अधिकारी, महिला एवं बाल विकास, शिवपुरी







