केदार सिंह गोलिया
शिवपुरी। कानून चाहे कितना भी सख्त क्यों न हो, लेकिन वे लोग जिन्हें कानून को अमल में लाने का काम सौंपा गया हो, खराब निकले तो निश्चित रूप से कानून खराब सिद्ध होगा फिर चाहे कितने भी सख्त कानून क्यों न बनाए जाएं..? हम बात कर रहे हैं देहात थाना क्षेत्र की। यदि यहां यह कहा जाए कि एक सटोरिया मुकद्दर से सिकन्दर नहीं, बल्कि पुलिस की सरपरस्ती में सिकन्दर बना है तो अतिश्योक्ति नहीं होगी। जिले में पुलिस की कमान इस समय एक साफ, स्वच्छ, ईमानदार और मिलनसार व्यक्तित्व के अपार धनी राजेश सिंह चंदेल के हाथों में हैं, जो शिवपुरी जिले का सौभाग्य है क्योंकि पुलिस जैसे विभाग में इस तरह की छवि को बनाए रखना अपने आप मेें बहुत कठिन है। इसी छवि का परिचय देते हुए विगत सप्ताह पुलिस कप्तान ने जिले के सभी पुलिस अधिकारियों को सट्टा, जुआ आदि पर पूर्णत: प्रतिबंध लगाने की सख्त हिदायत दी थी। इसके परिणामस्वरूप जिलेभर में पुलिस कार्यवाहियों इजाफा देखने को भी मिल रहा हैं, लेकिन शहर के बीचों बीच स्थित देहात थाना क्षेत्र का सिकन्दर पुलिस कप्तान के इस आदेश पर भारी होता जा रहा है। क्योंकि अब तक देहात थाना पुलिस का डंडा सिकन्दर की गिरेबां तक नहीं पहुंचा है।
पुलिस यदि अपनी पर आए तो बचना मुश्किल ही नहीं नामुमकिन है सिकन्दर का
यहां बता दें जो सिकन्दर खुलेआम शहर में सट्टा किंग बनकर सट्टे की पर्चियां कटवा रहा हो और पुलिस को नजर नहीं आए यह बात गले से नीचे उतरती नहीं है क्योंकि जब-जब पुलिस अपनी पर आती है तो इंसान क्या जानवरों को भी ढूंढ ही लेती है। हकीकत तो यह है कि कुछ जिम्मेदार तो कुछ बिचौलियों का इनके साथ दोस्ताना ही इन्हें बचाए हुए हैं। इसी के परिणामस्वरूप इनके द्वारा कइयों को शराबी तो हजारों को कंगाल बना दिया तब कहीं जाकर शहरवासी इन्हें सिकन्दर के नाम से नवाजते हैं।







