भोपाल। लोकसभा चुनाव में मिली करारी हार के बाद कांग्रेस में नेतृत्व परिवर्तन की मांग तेज हो गई है। प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष को लेकर भी पार्टी में घमासान मचा हुआ है। नए प्रदेशाध्यक्ष के लिए पूर्व सांसद ज्योतिरादित्य सिंधिया का नाम सबसे ऊपर माना जा रहा है। सिंधिया समर्थक उन्हें प्रदेशाध्यक्ष बनाने की मांग कर रहे हैं। वहीं कांग्रेस के वरिष्ठ विधायक और पूर्व मुख्यमंत्री दिग्विजय सिंह के भाई लक्ष्मण सिंह ने सिंधिया को प्रदेशाध्यक्ष बनाने का विरोध किया है। उन्होंने कहा कि है सिंधिया को प्रदेशाध्यक्ष नहीं बनाया जाना चाहिए।
विधायक लक्ष्मण सिंह ने सिंधिया को कांग्रेस की कमान सौंपने पर ऐतराज जताया है। उन्होंंने इसके पीछे तर्क देते हुए कहा है कि सिंधिया के पास समय की कमी है, क्योंकि वे उत्तरप्रदेश में भी पार्टी का काम देख रहे हैं। लिहाजा उनको मध्यप्रदेश पीसीसी का अध्यक्ष नहीं बनाना चाहिए। पार्टी आलकमान को सिंधिया के स्थान पर किसी दूसरे नाम पर विचार करना चाहिए। लक्ष्मण सिंह के इस बयान के बाद फिर कांग्रेस में प्रदेशाध्यक्ष पद को लेकर सरगर्मियां शुरू हो गई हैं। पार्टी नेता इसे उनकी निजी राय बता रहे हैं। विधायक लक्ष्मण सिंह ने खुलकर संगठन में फेल बदल की मांग की है। उन्होंने कहा था कि सभी व्यक्ति को संगठन का काम सौंपना जरूरी है। प्रदेशाध्यक्ष बदला जाना चाहिए, लेकिन सिंधिया को प्रदेशाध्यक्ष नहीं बनाया जाए। वहीं सिंधिया समर्थकों ने उन्हें प्रदेशाध्यक्ष बनाये जाने के लिए लॉबिंग तेज कर दी है। प्रदेशाध्यक्ष पद के लिए बाला बच्चन का नाम भी दौड़ में शामिल हैं। सूत्र बताते हैं कि मुख्यमंत्री कमलनाथ स्वयं उन्हें प्रदेशाध्यक्ष बनाने की पैरवी कर रहे हैं। सीएम कमलनाथ इस समय दो बड़े पदों की जिम्मेदारी संभाल रहे हैं। शुक्रवार को कांग्रेस की कोर कमेटी की बैठक होनी है जिसमें इस संबंध में चर्चा कर हाईकमान तक प्रस्ताव पहुंचाया जा सकता है।







