सम्मान के लिए लगना पड़ा कंट्रोल जैसी लाइन में
शिवपुरी। अपनी राजनीति चमकाने के लिए कर्मचारी संगठन कर्मचारी कांग्रेस के बैनर पर सम्मान समारोह आयोजित करने वाले राजेंद्र पिपलोदा का कार्यक्रम विवादों में घिर गया है। यह कार्यक्रम जिले के विभिन्न विभागों से सेवानिवृत्त हुए करीब 150 सेवानिवृत्त कर्मचारियों के सम्मान के लिए आयोजित किया था, लेकिन कार्यक्रम सम्मान की बजाय उनके अपमान का सबब साबित हुआ। दरअसल सेवानिवृत्त कर्मचारियों का सम्मान तो सिर्फ बहाना था। पिपलोदा को अपनी राजनैतिक रोटियां सेकना था और जब यहां सांसद सिंधिया पहुंचे तो पहले करीब 2 घंटे से इंतजार कर रहे सेवानिवृत्त कर्मचारियों के सम्मान करने की बजाय पिपलोदा ने खुद व प्रांत अध्यक्ष वीरेंद्र खोंगले का भाषण का लंबा भाषण मंच से पढ़ डाला। इसके बाद सांसद सिंधिया ने भाषण दिया। इस पूरी प्रक्रिया में करीब 35 मिनट का समय जाया हो गया। जब 2 घंटे से इंतजार कर रहे बुजुर्ग पेंशनर्स की बारी आई तो सिंधिया 2-3 पेंशनर्स का सम्मान कर वहां से रवाना हो गए। इसके बाद पेंशनर्स को विधिवत सम्मानित करने की बजाय होंचपोंच की स्थिति निर्मित हो गई। पहले प्रांत अध्यक्ष वीरेंद्र खोंगले से सम्मानित कराने की बात कही गई, लेकिन खोंगले भी वहां से चले गए। इसके बाद एक साथ कई पेंशनर्स के नाम बोल दिए गए और वह भी मंच पर जा पहुंचे जिससे वहां होंचपोच की स्थिति निर्मित हो गई और पेंशनर्स को कतार में खड़े होने की हिदायत आयोजकों द्वारा दे दी गई। वहां नजारा ऐसा था कि जैसे पेंशनर्स से सम्मान लेने नहीं, बल्कि उचित मूल्य की दुकान पर राशन लेने आए हो। कई पेंशनर से तो नाराज होकर बिना सम्मान लिए ही रवाना हो गए। यह पूरा आयोजन नाराजगी और विवादों में घिर गया है।
पिपलोदा ने पेंशनर्स को बुलाया था सम्मान के लिए कार्यक्रम में हुआ अपमान
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10:19 pm
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