पंचायत समन्वय अधिकारी संघ ने मुख्यमंत्री और मुख्य सचिव के नाम कलेक्टर को सौंपा ज्ञापन, राजस्व निरीक्षकों को जिम्मेदारी देने की मांग
शिवपुरी। स्वामित्व योजना के तहत पंचायत समन्वय अधिकारियों को उप पंजीयक बनाए जाने के निर्णय को लेकर मध्यप्रदेश पंचायत समन्वय अधिकारी संघ जिला शिवपुरी ने आपत्ति जताई है। संघ ने मुख्यमंत्री एवं मुख्य सचिव के नाम कलेक्टर के माध्यम से ज्ञापन सौंपकर पंचायत समन्वय अधिकारियों को उप पंजीयक के दायित्व से मुक्त करने तथा राजस्व विभाग में पदस्थ राजस्व निरीक्षकों को यह जिम्मेदारी सौंपने की मांग की है।
संघ के जिलाध्यक्ष दौलतसिंह जाटव, सचिव राकेशकुमार गुप्ता एवं प्रांतीय संगठन मंत्री तथा जिला संयोजक डॉ. के.एल. पवैया द्वारा दिए गए ज्ञापन में बताया गया कि पंचायत समन्वय अधिकारी पहले से ही विभिन्न शासकीय योजनाओं और ग्राम पंचायतों से जुड़े कार्यों की जिम्मेदारियां संभाल रहे हैं। प्रधानमंत्री आवास योजना के हितग्राहियों का चयन, सत्यापन, किस्त दिलाना, स्थल निरीक्षण, सीएम हेल्पलाइन की शिकायतों का निराकरण, राष्ट्रीय परिवार सहायता योजना, मुख्यमंत्री कन्या विवाह योजना, निःशक्त विवाह योजना, समग्र आईडी एवं ई-केवाईसी, मुख्यमंत्री जनविश्वास कार्यक्रम, संबल योजना, सामाजिक सुरक्षा पेंशन सहित अनेक कार्य उनके जिम्मे हैं।
*एक अधिकारी के पास 12 से 30 पंचायतों का प्रभार*
ज्ञापन में कहा गया कि पंचायत समन्वय अधिकारियों के रिक्त पदों पर लंबे समय से भर्ती नहीं होने तथा लगातार सेवानिवृत्ति और अन्य कारणों से पदों की संख्या कम हुई है। इसके चलते कई जनपदों में एक पंचायत समन्वय अधिकारी के पास 12 से लेकर 24-30 ग्राम पंचायतों तक का प्रभार है। कर्मचारियों एवं लेखापालों की कमी के कारण कई अधिकारियों को कार्यालयीन अतिरिक्त कार्य भी करना पड़ रहा है।
उम्र और अतिरिक्त जिम्मेदारियों का भी दिया हवाला
संघ ने बताया कि अधिकांश पंचायत समन्वय अधिकारियों की आयु 58 से 62 वर्ष के बीच है। कई अधिकारी गंभीर बीमारियों एवं शारीरिक समस्याओं से जूझ रहे हैं। इसके अलावा पूर्व निर्धारित क्लस्टर से तीन-चार गुना बड़े क्लस्टर अथवा तीन-चार क्लस्टरों का प्रभार भी अधिकारियों पर है। ऐसे में अतिरिक्त जिम्मेदारी मिलने से कार्य का बोझ, तनाव और व्यस्तता और बढ़ जाएगी।
राजस्व कार्य का अनुभव और प्रशिक्षण नहीं होने का तर्क
संघ का कहना है कि पंचायत समन्वय अधिकारियों को राजस्व विभाग के कार्यों का पर्याप्त अनुभव नहीं है और उप पंजीयक के कार्य के लिए उन्हें आवश्यक प्रशिक्षण भी नहीं दिया गया है। ज्ञापन में आशंका जताई गई कि अनुभव एवं प्रशिक्षण के अभाव में कार्य के दौरान तकनीकी त्रुटियां होने तथा आमजन को परेशानी का सामना करने की स्थिति बन सकती है।
संघ ने शासन से मांग की है कि स्वामित्व योजना के अंतर्गत उप पंजीयक का दायित्व पंचायत समन्वय अधिकारियों के स्थान पर राजस्व विभाग में पदस्थ राजस्व निरीक्षकों को सौंपा जाए, ताकि संबंधित कार्य विशेषज्ञता एवं विभागीय अनुभव के आधार पर सुचारु रूप से संपादित हो सकें।







