मशीनरी और उपकरणों की पूजा के साथ विद्यार्थियों को बताए सफलता के तीन मूल मंत्र
शिवपुरी। रेडियेंट एवं न्यू रेडियेंट आईटीआई और कॉलेज में भगवान विश्वकर्मा जयंती एवं सत्र 2026-27 के नवप्रवेशित विद्यार्थियों के स्वागत समारोह का आयोजन हर्षोल्लास के साथ किया गया। संस्थान में वर्ष 2000 से भगवान विश्वकर्मा जयंती मनाने की परंपरा निरंतर निभाई जा रही है।
कार्यक्रम का शुभारंभ स्टाफ सदस्य पंडित अमर कौशिक, वेदप्रकाश यादव, अवध किशोर यादव, पूनम गुप्ता एवं मनीष धाकड़ द्वारा भगवान विश्वकर्मा की विधिवत पूजा-अर्चना के साथ किया गया। इसके बाद छात्र-छात्राओं ने उत्साहपूर्वक संस्थान में स्थापित मशीनरी एवं विभिन्न उपकरणों की पूजा की।
कार्यक्रम में कॉर्डिनेटर अखलाक खान ने विद्यार्थियों को शुभकामनाएं देते हुए ऐसी तकनीक विकसित करने का आह्वान किया, जिससे समाज और देश को खुशहाली की दिशा में आगे बढ़ाया जा सके। स्टेनो प्रशिक्षक पूनम गुप्ता ने भगवान विश्वकर्मा के जीवन चरित्र एवं उनके महत्व पर प्रकाश डाला।
नवागत विद्यार्थियों का किया स्वागत
सत्र 2026-27 में प्रवेश लेने वाले नवागत छात्र-छात्राओं का पारंपरिक तरीके से स्वागत किया गया। ओरिएंटेशन कार्यक्रम के दौरान विद्यार्थियों को रेडियेंट आईटीआई, रेडियेंट कॉलेज एवं दून स्कूल की विभिन्न गतिविधियों और संस्थान की कार्यप्रणाली से अवगत कराया गया।
संस्थान के डायरेक्टर शाहिद खान ने विद्यार्थियों को सफलता के तीन मूल मंत्र—डिसिप्लिन (अनुशासन), डेडीकेशन (समर्पण) और डिटरमिनेशन (दृढ़ संकल्प)—बताते हुए लक्ष्य के प्रति निरंतर मेहनत करने के लिए प्रेरित किया। आईटीआई की प्राचार्या डॉ. खुशी खान ने विद्यार्थियों को अनुशासन में रहकर अपने निर्धारित लक्ष्य को प्राप्त करने के लिए प्रेरित किया।
कार्यक्रम के अंत में विद्यार्थियों एवं स्टाफ सदस्यों को अल्पाहार कराया गया। इसी के साथ भगवान विश्वकर्मा जयंती एवं नवागत विद्यार्थियों के स्वागत समारोह का समापन हुआ।







