-1 अप्रैल से अगस्त तक सिर्फ 20 प्रकरण कम व ज्यादा मूल्य बिक्री के किए दर्ज, गांव-गांव परचून की दुकानों पर बिक रही शराब पर कार्याही
केदार सिंह गोलिया
शिवपुरी। जिले में आबकारी महकमा पिछले दो दिनों से अपनी एक कार्यवाही को लेकर मीडिया और आमजन के बीच सुर्खियां बटोर रहा है। सरकारी कार्यालय से जारी इस खबर में यह तो बताया गया है कि आबकारी महकमे के विभिन्न टीमों ने जिलेभर में एमआरपी से अधिक और एमएसपी से कम मूल्य पर विक्रय के 20 मामलों में प्रभावी कार्यवाही करते हुए लाखों का जुर्माना वसूला है। इस सरकारी प्रेसनोट में यह हकीकत कहीं भी उजागर नहीं की गई कि यह कार्यवाही पिछले 10-5 दिन की नहीं है, बल्कि चालू वित्तीय वर्ष में 1 अप्रैल से आज दिनांक तक की अवधि की है। यानि पिछले चार महीने में आबकारी विभाग ने जिले के 5 वृत्त में 113 दुकानों में से सिर्फ 20 पर इस कार्यवाही को अंजाम दिया है। यह दर्शाता है कि इस सरकारी प्रेसनोट के बूते मीडिया और आमजन को नितांत अंधेरे में रखकर वाह-वाही लूट ली। आमजन और मीडिया को लगा कि विभाग ने यह 20 प्रकरण हाल ही में बनाए हैं जबकि वास्तविक हकीकत बिलकुल अलग है। ऐसे में जिला कलेक्टर सहित आबकारी महकमे के संभागीय व प्रदेश स्तरीय अधिकारियों को यह समझना होगा कि जिले में गांव-गांव और परचून की दुकानों तक बिक रही अवैध शराब बिक्री की सूचनाओं के आगे कार्यवाही का यह छोटी और अवधि का उल्लेख किए बिना परोसी गई यह छदम तस्वीर बताती है कि सच्चाई किस तरह छुपाकर वाह-वाही बटोरी जा रही है।
प्रेस नोट में न तारीख, न दुकानों के नाम का खुलासा
जिले में आबकारी विभाग द्वारा जारी प्रेस नोट पर सवाल खड़े हो रहे हैं। विभाग ने 20 प्रकरण दर्ज करने और लाखों रुपये का जुर्माना लगाने का दावा तो किया है, लेकिन यह नहीं बताया कि कार्रवाई जिले की किन-किन मदिरा दुकानों पर और किस तारीख को की गई। हालांकि विभागीय अधिकारियों ने स्वीकार किया है कि यह सभी 20 कार्रवाई वर्तमान वित्तीय वर्ष के पिछले चार महीनों के दौरान की गई हैं।
प्रेस नोट के अनुसार, शासन द्वारा निर्धारित न्यूनतम विक्रय मूल्य (एमएसपी) से कम तथा अधिकतम विक्रय मूल्य (एमआरपी) से अधिक दर पर मदिरा बेचने की शिकायतों को गंभीरता से लेते हुए कलेक्टर श्री वर्मा के निर्देश पर कार्रवाई की गई। विभाग का दावा है कि उपभोक्ताओं के शोषण और वित्तीय अनियमितताओं में लिप्त दुकानों के विरुद्ध कुल 20 गंभीर प्रकरण दर्ज किए गए हैं। इनमें से 9 प्रकरणों में लाइसेंसधारियों पर 9 लाख 72 हजार 168 रुपये की शास्ति अधिरोपित की जा चुकी है, जबकि शेष 11 प्रकरणों में 11 लाख 56 हजार 33 रुपये की शास्ति अधिरोपित करने की प्रक्रिया जारी है। हालांकि कार्रवाई से जुड़ी दुकानों के नाम और तिथियां सार्वजनिक नहीं किए जाने से पूरे मामले में पारदर्शिता पर सवाल उठ रहे हैं।
इनका कहना है
-यह जो 20 कार्यवाही हुई हैं यह सभी इस वित्तीय वर्ष में 1 अप्रैल से अब तक जिले के पाँचों आबकारी वृत्त अंतर्गत संचालित दुकानों की है। कार्यवाही आगे भी जारी रहेगी।
राहुल गुप्ता
कंट्रोल रूम प्रभारी शिवपुरी
-आबकारी विभाग ने कार्यवाही तो शुरू की हैं फिर भी हम दिखावे हैं। ऐसे मामलों में आगे भी प्रभावी कार्यवाही हों इसे लेकर निर्देश देंगे।
अर्पित वर्मा
कलेक्टर, शिवपुरी







