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झोलाछाप इलाज ने पहुंचाया मौत के मुहाने, जिला अस्पताल के डॉक्टर ने दी "नई जिंदगी"

  • पहली बार जिला अस्पताल में हुआ जटिल ऑपरेशन, आंतों में बना कृत्रिम मल मार्ग, 3 महीने बाद दूसरी सर्जरी से मिला पूर्ण स्वास्थ्य
  • डॉ. पंकज गुप्ता ने अपेंडिक्स फटने और आंतें गलने के बाद किया जीवन रक्षक उपचार, महिला को मिली नई जिन्दगी

  • शिवपुरी। शिवपुरी जिला चिकित्सालय में सेवा दे रहे सर्जरी विशेषज्ञ डॉ. पंकज गुप्ता ने एक बार फिर अपने उच्च चिकित्सकीय कौशल का लोहा मनवाया है। उन्होंने गंभीर उदर रोग से पीडि़त एक महिला का दुर्लभ व जटिल ऑपरेशन कर उसकी जान बचाई। इस प्रकार न केवल एक जीवन रक्षक मिसाल कायम की, बल्कि जिला चिकित्सालय की चिकित्सीय क्षमता पर भी भरोसा बढ़ाया है। मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. संजय ऋषीश्वर ने बताया कि डॉ. पंकज गुप्ता द्वारा किया गया यह ऑपरेशन जिला अस्पताल के इतिहास में पहली बार हुआ, जिसमें आंतों का कृत्रिम मार्ग बनाकर जीवन बचाया गया।

    अशोकनगर जिले की ईसागढ़ तहसील के ग्राम मुढेरा निवासी 55 वर्षीय महिला मिथलेश लोधी दो वर्षों से पेट के दाहिने निचले हिस्से में तेज़ दर्द से पीडि़त थीं। वह झोलाछाप डॉक्टरों से दर्द के इंजेक्शन लगवा लेती थीं जिससे अस्थायी राहत मिलती रही, लेकिन मूल समस्या बनी रही। जब तक उनका बेटा, जो शिवपुरी में रहता है, उन्हें जिला चिकित्सालय लेकर आया तब तक स्थिति गंभीर हो चुकी थी। 28 जनवरी 2025 को शिवपुरी जिला अस्पताल में भर्ती कराया। भर्ती के बाद जब सर्जरी विभाग को बुलाया गया, तो डॉ. पंकज गुप्ता ने महिला की स्थिति का गंभीरता से परीक्षण कर सीटी स्कैन कराया। रिपोर्ट में सामने आया कि अपेंडिक्स फटने से संक्रमण पूरे पेट में फैल चुका है और आंतों का ऊपरी हिस्सा भी गल चुका है। सर्जरी विशेषज्ञ डॉ. पंकज गुप्ता ने तत्काल निर्णय लेते हुए 31 जनवरी को ऑपरेशन किया। उन्होंने पेट की सड़ी हुई आंतों का मैनेजमेंट कर एक कृत्रिम मार्ग (स्टोमा) बनाकर मल विसर्जन के लिए नया रास्ता तैयार किया।

    करीब तीन माह की विशेष दवाओं और देखरेख के बाद, एक और ऑपरेशन कर उस कृत्रिम मार्ग को सफलतापूर्वक बंद कर दिया गया। अब महिला सामान्य जीवन जी रही है और स्वस्थ होकर घर लौट चुकी हैं। 

    यह उदाहरण दर्शाता है कि यदि नागरिक जिला चिकित्सालय की सुविधाओं पर विश्वास करें तो उन्हें महंगे निजी अस्पतालों की लूट से बचाया जा सकता है और पूरी तरह नि:शुल्क उच्चस्तरीय इलाज भी मिल सकता है।

    समय पर इलाज से बच सकती है जान

    डॉ. पंकज गुप्ता ने बताया कि ग्रामीण क्षेत्रों में आज भी लोग पेट दर्द को हल्के में लेते हैं। झोलाछाप डॉक्टरों से इंजेक्शन लगवाकर स्थिति बिगाड़ लेते हैं। अगर समय पर जांच और इलाज हो, तो ऑपरेशन की नौबत नहीं आती। समय पर विशेषज्ञ से परामर्श और सरकारी चिकित्सालयों पर भरोसा जरूरी है। इस ऑपरेशन में डॉ. रामप्रताप चौहान बेहोशी चिकित्सा इकाई, ओटी स्टाफ और पूरी सर्जरी टीम का सराहनीय सहयोग रहा। इस अभूतपूर्व सफलता पर जिला चिकित्सालय के कर्मचारियों और स्वास्थ्य विभाग में हर्ष का माहौल है।

    इनका कहना है


इस ऑपरेशन की सफलता से जिला चिकित्सालय में भी उत्साह का माहौल है। मरीज की जान बचाकर डॉक्टरों ने न केवल चिकित्सा कौशल का प्रदर्शन किया, बल्कि यह भी सिद्ध कर दिया कि अगर नागरिक सरकारी अस्पताल की सुविधाओं पर भरोसा करें, तो उन्हें महंगे प्राइवेट इलाज से छुटकारा मिल सकता है।
 

    डॉ. संजय ऋषिश्वर, सीएमएचओ शिवपुरी 

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