पोहरी- बच्चे दूसरों पर आश्रित होते है, इसलिए हमें उनका साथी बनकर उनकी जरूरतों को समझना होगा। उनके विकास और सुरक्षा की जिम्मेदारी हम सबको उठानी पड़ेगी,तभी समाज का विकास हो सकता है। यह बात ग्राम परासरी में आयोजित कार्यक्रम में महिला एवं बाल विकास की पर्यवेक्षक विनीता भार्गव ने कही।
बीते रोज बाल मित्र ग्राम परासरी में कैलास सत्यार्थी चिल्ड्रन फाउंडेशन एवं महिला बाल विकास के सौजन्य से सुरक्षित बचपन दिवस के उपलक्ष में सम्मान समारोह का आयोजन किया गया। जिसमें पूरन आदिवासी, प्रहलाद आदिवासी एवं कारण सिंह आदिवासी को शॉल श्रीफल देकर सम्मानित किया गया। कैलास सत्यार्थी फाउंडेशन के जिला समन्वयक गिर्राज धाकड़ ने बताया कि इन तीनों बाल मित्रों द्वारा गांव के बच्चो को शिक्षा से जोड़ने लिए सराहनीय कार्य किया है।
इन बाल मित्रों ने स्कूलों में अनियमित उपस्थिति वाले बच्चों को चिन्हित किया फिर उनके परिजनों से चर्चा कर उन्हें को नियमित स्कूल भेजने के लिए प्रेरित किया। बच्चो के आधार कार्ड, समग्र आईडी एवं बैंक खाता खुलवाने में मदद की गई। इस अवसर पर शिक्षा विभाग से सीएसी मांगीलाल वर्मा, स्कूल शिक्षक मुन्नालाल अर्गल , श्रीराम प्रजापति, आगनवाड़ी कार्यकर्ता रेणु गुर्जर और नव्वो आदिवासी एवं गांव के लोग उपस्थित रहे।







