शिवपुरी। जन चर्चा हो रही है की आयकर वकील ने चालानो में हेराफेरी की है व्यापारियों में चिंता का विषय है कि कूट रचित दस्तावेज बनाने पर धोखाधड़ी की अपराधिक धाराएं किस पर लगेगी । धोखाधड़ी करने वाले आयकर वकील पर या व्यापारी जिसने आयकर विवरणी पर हस्ताक्षर किए है। चूंकि यह अपराध जानबूझकर किया गया है इसलिए यदि किसी तरीके से चालान और ब्याज की राशि जमा हो भी जाती है तब भी भारत संविधान की धाराओ में 420, 467, 468 व 471 का प्रकरण दर्ज होना संभावित है क्योंकि आयकर चालानो में कम राशि खजाने में जमा करके उन चालानो में लाखों रुपए के अंक बढ़ाकर आयकर रिटर्न फाइल कर दिए गए हैं। इन्हीं व्यापारियों को आयकर चालान घोटाले के कारण जब व्यापारी भाइयों के टीडीएस रिफंड आना था उनके रिफंड कोआयकर विभाग ने पिछले सालों की मांग में समायोजित कर लिया गया। व्यापारियों में चर्चा है कि आयकर वकील ने सन 2010 से आज 2022 तक के जिन व्यापारियों को टीडीएस रिफंड आना था उनके रिटर्न दाखिल ही नहीं किए जिससे इनके चालान घोटाले का व्यापारियों को पता ना चले।
* Please Don't Spam Here. All the Comments are Reviewed by Admin.
Kedar Singh Goliya, Mo.- 7999366077







