वात्सल्य बालगृह में बच्चों से मिलकर दिनचर्या जानी, साथ में बैठकर भोजन किया
शिवपुरी। आप लोग मन लगाकर पढ़ाई करो, शासन- प्रशासन और समाज सब आपके साथ है। मुख्यमंत्री और आप सबके मामा शिवराज सिंह ने संकल्प लिया है कि वो आपके विकास के लिए कोई कमी नहीं आने देंगे। यह बात दीपोत्सव कार्यक्रम के दौरान मप्र पाठ्यपुस्तक निगम के उपाध्यक्ष प्रहलाद भारती ने देखभाल के जरूरतमंद (अनाथ) बच्चों से कही।
रविवार को न्यू ब्लॉक स्थित वन स्टॉप सेंटर पर देखभाल एवं संरक्षण के जरूरतमंद (अनाथ) बच्चों के साथ दीपावली मिलन समारोह का आयोजन किया गया। जिसमें शहर के 20 से अधिक बच्चों ने भाग लिया। बच्चों ने मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान के भोपाल से प्रसारित संदेश को भी सुना। मुख्यमंत्री ने कहा कि आप सभी के विकास के लिए मुख्यमंत्री कोविड बाल सेवा योजना, मुख्यमंत्री बाल आशीर्वाद योजना, स्पॉन्सरशिप योजनाएं बनाई गई है। आपकी पढ़ाई- लिखाई, स्वास्थ्य और पोषण की सभी जिम्मेदारी मामा उठाएगा।
कार्यक्रम में राज्यमंत्री का दर्जा प्राप्त पाठ्यपुस्तक निगम उपाध्यक्ष प्रहलाद भारती, बाल कल्याण समिति अध्यक्ष डॉ सुषमा पांडेय, सदस्य सुगंधा शर्मा, उमेश शर्मा, रघुवीरसिंह श्रीवास, सहायक संचालक आकाश अग्रवाल, बाल संरक्षण अधिकारी राघवेंद्र शर्मा, प्रभारी प्रशासक वन स्टॉप सेंटर रेखा श्रीवास्तव, विधिक मामला कार्यकर्ता गुंजन खेमरिया, मामला कार्यकर्ता शुद्धि शुक्ला एवं आरती शर्मा, मनोवैज्ञानिक परामर्शदाता स्वेता गुप्ता, राजेश खत्री,आरती खटीक एवं दीपक बाथम मौजूद रहे।
कलेक्टर- एसपी पहुंचे बच्चों के बीच
जब कलेक्टर अक्षय कुमार सिंह ने बच्चों के दीपोत्सव कार्यक्रम की जानकारी ली और पता चला कि कुछ बच्चे परिवारिक समस्या के कारण वन स्टॉप में आयोजित कार्यक्रम में शामिल नहीं हो सके। तो कलेक्टर अक्षय कुमार सिंह और पुलिस अधीक्षक राजेश सिंह चंदेल ने कमला गंज एवं कस्टमगेट स्थिति उन बच्चों घर पहुंचकर उन्हें गिफ्ट और मिष्ठान पैकेट भेंट कर दीपावली की शुभकामनाएं दीं। इस अवसर पर कलेक्टर ने बच्चों से उनकी पढ़ाई और शासन से मिलने वाली सहायता की भी जानकारी ली।
वात्सल्य बालगृह के बच्चों के साथ किया भोजन
मंगलम संस्था द्वारा संचालित वात्सल्य बाल गृह में बच्चों के साथ दीपावली मनाने पहुंचे कलेक्टर अक्षय कुमार सिंह एवं पुलिस अधीक्षक राजेश सिंह चंदेल ने बच्चों से उनकी दिनचर्या एवं शिक्षा आदि के संबंध में जानकारी ली। संस्था के कर्मचारियों से मुलाकात कर बच्चों के लिए समर्पित भाव से काम करने के लिए प्रेरित किया। इस दौरान उन्होंने संस्था के रजिस्टरों का निरीक्षण किया तथा बच्चों के साथ बैठकर भोजन भी किया।








