आयुर्वेद चिकित्सालय पर संगोष्ठी और स्वास्थ्य परीक्षण शिविर
शिवपुरी। भगवान धन्वंतरि आयुर्वेद के जनक हैं और उनकी पूजा करने से व्यक्ति को निरोगी काया मिलती है, साथ ही परिवार से दुख और दरिद्रता दूर हो जाता है। इस विश्व के पहले वैद्य वही है जिन्होंने आयुर्वेद को जन्म दिया और जड़ी बूटियों के माध्यम से किस तरह से हम अपने स्वास्थ्य को सही रख सकते हैं, इस ज्ञान को प्रदान किया। आज का दिन उनके स्मरण करने और सुदीर्घ जीवन बनाने के संकल्प लेने का अवसर है इसलिए हम सभी को भगवान धन्वंतरी को कभी भूलना नहीं चाहिए, यह बात मध्य प्रदेश पाठ्य पुस्तक निगम के उपाध्यक्ष राज्यमंत्री दर्जा प्रहलाद भारती ने पुरानी शिवपुरी स्थित आयुर्वेद जिला चिकित्सालय में आयुर्वेद चिकित्सा वर्तमान में प्रासंगिक है, विषय पर चर्चा के दौरान स्वास्थ्य शिविर शुभारंभ अवसर पर कही। उन्होंने कहा कि आज भी जब लोग अंग्रेजी की उपचार पद्धति से परेशान हो जाते हैं तो वह लौटकर आयुर्वेद की ओर ही बढ़ते हैं। कार्यक्रम के विशिष्ट अतिथि भाजपा जिला अध्यक्ष राजू बाथम ने कहा कि आयुर्वेद जहां हमें जीवन जीने की कला सिखाता है वही गर्भ में आने से लेकर जीवन के अंत तक बिना आयुर्वेद की जीवन की कल्पना की ही नहीं जा सकती। जिला सांसद प्रतिनिधि हेमंत ओझा ने कहा कि ईश्वर ने कई सारे उपहार इस सृष्टि को दिए हैं उनमें स्वस्थ रहने के लिए भगवान धन्वंतरी द्वारा दिया गया। इस दौरान सेवानिवृत्त आयुर्वेद चिकित्सा अधिकारी डॉक्टर एम के बांझल सहित कई पूर्व चिकित्सक उपस्थित रहे। शिविर के दौरान एक सैकड़ों मरीजों निशुल्क परीक्षण कर उन्हें उपचार दिया गया।








