बोले- शिक्षा रूपी चाबी से विकास के सभी दरवाजे खुल जाते हैं
शिवपुरी- आपके आसपास कई ऐसे बच्चे होंगे जो शिक्षा और सुरक्षा से बंचित है। उन्होंने पांचवीं या आठवीं के बाद पढ़ाई छोड़ दी है। कुछ के तो कम उम्र में विवाह भी हो चुके होंगे। यह स्थिति न सिर्फ उनके अधिकारों का हनन है, बल्कि यह बच्चों के विकास की सबसे बड़ी बाधा है। शिक्षा ऐसी मास्टर चाबी है, जो विकास के सभी बंद दरवाजों को खोल देती है। यह बात अनुसूचित जाति बालिका छात्रावास में आयोजित जागरूकता कार्यक्रम में बाल संरक्षण अधिकारी राघवेंद्र शर्मा ने कही।
बीते रोज महिला बाल विकास, पुलिस एवं ममता संस्था द्वारा बाल सुरक्षा सप्ताह के तहत जागरूकता कार्यक्रम का आयोजन किया। कार्यक्रम में बालिकाओं को बाल विवाह, घरेलू हिंसा, दहेज, कन्या भ्रूण हत्या जैसी सामाजिक बुराइयों को मिटाने के लिए समन्वित प्रयास करने के लिए प्रेरित किया गया।
कार्यक्रम में ममता संस्था की जिला समन्वयक कल्पना रायजादा ने बालिकाओं को बाल अधिकारो की जानकारी के साथ शोषण से बचाव के संबंध में जानकारी दी गई। कार्यक्रम में निर्भया प्रभारी गायत्री इटोरिया ने साइबर अपराधों से बचाव के संबंध में जानकारी देते हुये बताया कि अपना खाता नंबर, ओटीपी, एटीएम पिन, कार्ड की वैधता तिथि आदि कभी किसी को न बताएं। इस दौरान छात्रावास अधीक्षिका मोनिका तोमर, संगीता, रजनी एव अन्य स्टाफ के सदस्य मौजूद रहे।








