बेटियों ने कहा- हम तभी विकसित होंगे,जब समाज की नजर और नजरिया बदले
शिवपुरी- सपने तो हमारे भी बहुत बड़े होते है,पर सामाजिक व्यवहार उन्हें पूरा नहीं होने देता। जिन्हें मौका मिलता है वे बेटियां सौभाग्यशाली होतीं है। माता-पिता बेटे के विकास के लिए जो माहौल उपलब्ध कराते है,अगर हमें भी वैसा ही माहौल मिल जाए तो हम अपने आपको उनसे श्रेष्ठ प्रदर्शित कर सकते है। यह दर्द समाज की उन बेटियों का है,जिनके पैरों को सामाजिक भेदभाव (जेंडर) की जंजीरों ने जकड़ रखा है।
महिला एवं बाल विकास विभाग द्वारा बीते दिनों वन स्टॉप सेंटर पर सम्मान अभियान के तहत बेटियों की समाज से अपेक्षाएं और मेरे सपने विषय पर खुला मंच कार्यक्रम का आयोजन किया। जिसमें 60 से अधिक किशोरियों ने भाग लिया। किशोरियों को जब खुला मंच मिला तो उनके मन का दर्द सामने आ गया। किशोरियों ने संभागीय संयुक्त संचालक सीमा शर्मा एवं जिला कार्यक्रम अधिकारी देवेंद्र सुंदरियाल के सामने सामाजिक व्यवस्थाओं में बदलाव की अपील की।
बेटियों ने कहा कि समाज की नजर और नजरिए में बदलाव के लिए जागरूकता की जरूरत है। समाज में एक ऐसा वर्ग भी मौजूद है, जो नहीं चाहता कि बेटियां आगे बढ़ें। बेटियां तभी आगे बढ़ सकती है,जब भेदभाव रहित समतामूलक माहौल मिले। बेटी को पढऩे भेजने वाले माता-पिता बेटी के सकुशल घर आने के लिए आशंकित रहते है। बेटीयों को जगह जगह मनचलों की छेडख़ानी और बेहूदगी को झेलना पड़ता है। घर हो या बाहर हम अपने आपको हर जगह असुरक्षित महसूस करते है।
- प्रतिकूल हालातों में हौसला रखें
महिला एवं बाल विकास विभाग की संभागीय संयुक्त संचालक सीमा शर्मा ने बेटियों के प्रश्नों का जबाव देते हुए कहा कि यह वास्तविकता है कि बेटियों के सामने बहुत से जोखिम है,किंतु हमें उनका डटकर मुकाबला करना चाहिए। महिलाओं के विकास और सुरक्षा के लिए सरकार ने तमाम योजनाएं और कानून बनाएं है,हमें उनका सहारा लेना चाहिए। कभी भी कोई बात छुपाना नहीं चाहिए। माता-पिता से अच्छा हमारा कोई दोस्त नहीं होता। जीवन में कम से कम एक व्यक्ति ऐसा जरूर होना चाहिए जिसे हम अपनी हर अच्छी- बुरी बात बता सकें।
- साइबर क्राइम से बचाव के लिए सजग रहें
कार्यक्रम में उप निरीक्षक मनीष सिंह ने साइबर अपराधों से बचाव के तरीके बताते हुए कहा कि वर्तमान दौर में सोशल मीडिया हमारे जीवन का एक भाग बन चुका है। सजगतापूर्ण उपयोग के लाभ है,तो जरा सी चूक मुसीबतों का कारण भी बन जाती है। उन्होंने कहा कि सोशल मीडिया में कभी भी अपनी वास्तविक लोकेशन की जानकारी अपलोड नहीं करनी चाहिए। अनजान और दूषित मानसिकता के लोगों से दोस्ती भूलकर भी न करें। नोकरी,लॉटरी,पुरस्कार आदि के प्रलोभनों से बचें। बैंकिंग व्यवहार के दौरान पूर्ण सजग रहें। फोन कॉल्स पर अपने आधार कार्ड, एटीएम नंबर, पासवर्ड भूल कर भी किसी को न बताएं।
- यह मौजूद रहे
जिला कार्यक्रम अधिकारी देवेंद्र सुंदरियाल, परियोजना अधिकारी नीलम पटेरिया,बाल संरक्षण अधिकारी राघवेंद्र शर्मा, सामाजिक कार्यकर्ता जीतेश जैन एवं जितेंद्र दांगी, ममता संस्था की जिला संयोजक कल्पना रायजादा,वन स्टॉप सेंटर से अंगूरी बाथम एवं शहरी की पर्यवेक्षक मौजूद रहीं।







