शिवपुरी। शिक्षा के महत्व को घर-घर तक पहुंचाने और जातिगत भेदभाव मिटाने के क्षेत्र में बहुत ही कम आयु में बड़ी मिसाल बने महान समाजसुधारक महात्मा ज्योतिबा फुले की जयंती आज कुशवाह समाज एकता संगठन द्वारा बड़े ही उत्साह एवं आनंदित होकर मनाई गई। इस मौके पर सबसे पहले राजेश कुशवाह आईटीआई, नरेंद्र कुशवाह, संजय कुशवाह, अनिल कुशवाह, शिशुपाल कुशवाह, जयदीप कुशवाह, आशीष
कुशवाह, दिनेश कुशवाह, भीमा कुशवाह द्वारा महात्मा ज्योतिबा फुले जी के चित्र पर माल्यर्पण कर एवं दीप प्रज्वलित कर उन्हें याद किया। उनके जीवन पर प्रकाश डालते हुए राकेश कुशवाह ने कहा कि 11 अप्रैल 1827 को खानबाड़ी पुणे महाराष्ट्र मेंं गोविंदराव फुले एवं चिमनाबाई के यहां महात्मा फुले का जन्म हुआ। 7 वर्ष की आयु में प्रारंभिक शिक्षा प्राप्त करने के लिए स्कूल गए। जयदीप कुशवाह ने उनके संघर्ष पर प्रकाश डालते हुए कहा कि महात्मा फुले दिन में खेतों में काम करते और रात्रि में पढ़ाई करने करते थे। महात्मा फुले ने बहुत कम आयु में जातिगत भेदभाव मिटाने एवं शिक्षा का प्रसार प्रचार करने में जुट गए। उन्होंने शिक्षा का प्रचार प्रसार कर समाज में आमूलचूल परिवर्तन किये और वे एक महान समाज सुधारक बने। स्त्री शिक्षा के लिए जागरूकता फैलाई और अपनी पत्नी को शिक्षित किया। संजय कुशवाहने कहा कि माता सावित्रीबाई फुले ने भी महिलाओं को शिक्षित करने का काम किया । महात्मा फुले ने 1848 में दलित शोषित समाज एवं महिलाओं के लिए प्रथम स्कूल खोला 1854 में इन्होंने विधवाओं के लिए आश्रम बनवाए। आज संगठन की ओर से भोजन वितरण उन्हीं की याद में किया गया। कार्यक्रम में राजेश कुशवाह आईटीआई, नरेंद्र कुशवाह, संजय कुशवाह, अनिल कुशवाह, शिशुपाल कुशवाह, जयदीप कुशवाह, आशीष कुशवाह, दिनेश कुशवाह, भीमा कुशवाह आदि समाज बंधु उपस्थित रहे।* Please Don't Spam Here. All the Comments are Reviewed by Admin.
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