शिवपुरी। माता पिता का स्पर्श करना,छूना और सहलाना प्रेम स्नेह और आंनद की अनुभूति कराने वाला होता है। सुरक्षित स्पर्श दर्द में दवा का काम करता है, लेकिन कुछ लोग दूषित मंशा से असुरक्षित स्पर्श करते है जो दर्द और परेशानी का कारण बन जाता है। माता पिता के अलावा अन्य लोगों का शरीर के कुछ विशेष भागों को छूना गलत होता है।इसका विरोध नहीं किया तो वह आपके साथ गलत व्यवहार कर सकता है।खासकर अकेले या एकांत स्थान पर ऐसी हरकत किसी के द्वारा की जाती है तो चिल्लाकर उसका विरोध करो और भागकर सुरक्षित स्थान पर जाओ।यह सुझाव माधवगंज मिडिल स्कूल की बालिकाओं को बाल संरक्षण अधिकारी राघवेंद्र शर्मा ने दिया।
उन्होंने बालिकाओं से कहा कि माता पिता हमारे लिये भगवान से बढ़कर होते है।वे हमेशा हमारे विकास के लिये सोचते है,उनसे कोई भी बात नहीं छुपानी चाहिये। उनसे ऐसी घटनाओं को छुपाना परेशानी का कारण बन जाता है।सुरक्षित जीवन जीना हर बच्चे का अधिकार है। यदि परिजन आपकी बातों को नहीं सुनते तो स्कूल के टीचरों को बताएं।चाइल्ड हेल्पलाइन को 1098 पर कॉल करके भी सहायता प्राप्त की जा सकती है। बेटियों को कोख(गर्भ) से, समाज की दूषित नजरों से,उपेक्षित व्यवहार से,भेदभाव से,हिंसा और शोषण बचाने के लिये सरकार द्वारा यह बेटी बचाओ अभियान चलाया जा रहा है। वर्तमान में बालिकाओं को सबसे अधिक खतरा अपनों से है।अपराधों के आंकड़ों से यह स्पस्ट हुआ है कि बच्चों को सबसे अधिक खतरा उनके नजदीकी लोगों से होता है।बाल यौन शोषण के मामलों में 92 प्रतिशत अपराधी वे लोग थे जिन पर बच्चों को भरोसा था। जिनमें चाचा, मामा, फूफा, कजिन, सौतेले पिता या भाई भी शामिल है।इसके अलावा दूर के रिस्तेदार, घर में नियमित आने वाले परिचित, पारिवारिक मित्र,पड़ोसी, टीचर,कोच,केयर टेकर,डॉक्टर,घरेलू नोकर जो बच्चों के नियमित सम्पर्क में रहते है,वह भी अपराध में शामिल पाये गये है।हमें इनसे भी सतर्क रहने की जरूरत है।
बच्चों के बौद्धिक स्तर भी परखा
कार्यक्रम में सामाजिक कार्यकर्ता जितेश जैन द्वारा बाल विवाह के दुष्परिणामों एवं सजा के प्रावधान बताते हुए उसका विरोध करने के सम्बंध में विस्तार से जानकारी दी गई।उसके पश्चात बालिकाओं के बौद्धिक स्तर का परीक्षण करने के लिये कुछ सामान्य ज्ञान आधारित प्रश्न पूछे जिनका सही जबाब देने वाली बालिकाओं को पुरस्कार भी दिया गया।स्कूल के प्रधानाध्यापक छोटेराजा परमार ने विभागीय प्रयासों की सराहना करते हुए कहा कि वर्तमान में बालिकाओं को शिक्षा के साथ सुरक्षा के प्रति सतर्क करना आवश्यक हो गया है।कार्यक्रम में स्कूल की अध्यापिका पूर्णिमा मिश्रा, सुनीता शर्मा,प्रिया सेन एवं शिक्षक महेश शर्मा,रघुवीर पराशर मौजूद थे।







