शहर में इन दिनों यह चर्चा जोरों पर चल निकली है कि एक पुलिस थाना प्रभारी सट्टेबाज के रुपयों की खनक के आगे न केवल अपना कर्तव्य भूल गए हैं। अगर कहीं वर्दी पर धाग लग रहा है इससे भी बेखबर बने हुए हैं और थाना प्रभारी को केवल सट्टेबाज के रुपयों से मतलब है न कि अपनी वर्दी से और न ही देशभक्ति से..?
सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार शहर के एक पुलिस थाना के सामने ही एक सट्टाबाज घमंडी न केवल थाना प्रभारी को रुपयों की खनक दिखाकर नोटों से तौल रहा है, बल्कि वह थानेदार साहब को हर सुविधा मुहैया करा रहा है। सट्टेबाज और थाना प्रभारी के बीच का यह सिलसिला पिछले कई महीनों से न केवल सुर्खियों में बना है, बल्कि लोगों की जुबान पर चर्चा भी बना हुआ है। सूत्र यह भी बताते हैं कि उक्त थाना प्रभारी ने क्षेत्र में अवैध धंधे संचालित बने रहने के लिए कुछ चुनिंदा मीडिया के चेहरों को अपनी ओर से मोहरा बना लिया है। कहने का आशय यह है कि थाना प्रभारी ने कुर्सी संभालते ही शहरभर में लोगों से न केवल संबंध बना लिए हैं, बल्कि मीडिया के कुछ चुनिंदा लोगों को भाई-भतीजे का नाम भी दे दिया है। चर्चा तो यहां तक है कि थाना प्रभारी को लेकर जब भी सवाल खड़े होते हैं तब भाई-भतीजा खुलकर सामने आ जाता है। यही कारण है कि थाना प्रभारी लगातार अपने क्षेत्र में अवैध धंधे करने वालों को न केवल अपना संरक्षण बनाए हुए है, बल्कि उनकी तरफ तनिक भी कार्यवाही न हो इसके लिए उन्होंने अपने हाथ भी रोक लिए हैं। इस पुलिस थाने की खासबात यह है कि यहां कुछ स्टाफ वर्षों से जमा हुआ है और यही स्टाफ पुलिस थाने की सीमा में जो भी अवैध धंधे होते हैं और इन धंधों से जो लोग जुड़े हुए हैं उनकी जानकारी थाना प्रभारी को देते हैं इसके बाद थाना प्रभारी और स्टाफ दोनों ही मिल बांटकर न केवल अवैध धंधों वालों से रुपयों की वसूली करते हैं, बल्कि लगे हाथ उनकी पीठ थपथपाते हुए बढ़ा देते हैं।







