डीडीआरसी, दिव्यांग विद्यालय और वृद्धाश्रम का किया भ्रमण
शिवपुरी। डोनेट अ स्माइल फाउंडेशन और मप्र पुलिस द्वारा चलाए जा रहे स्टूडेंट पुलिस कैडेट योजना के तहत निर्भया प्रभारी गायत्री इटोरिया शनिवार को पांच स्कूलों के 100 छात्रों के साथ दिव्यांगजनों के काम करने वाली प्रसिद्ध संस्था मंगलम पहुंची, जहां बच्चों ने दिव्यांगजनों के लिए किए जाने वाले कार्यों को देखा। मंगलम केंद्र के भ्रमण के दौरान इन छात्रों ने जिला पुर्नवास केंद्र डीडीआरसी और दिव्यांग विद्यालय का भ्रमण किया। इस दौरान गायत्री इटोरिया द्वारा एक प्रतियोगिता का भी आयोजन कराया गया जिसमें प्रथम, द्वितीय एवं तृतीय आने वाले छात्रों को वृद्ध निराश्रित जनों से पुरस्कार दिलाया। इसके अलावा छोटे-छोटे बच्चों ने वृद्ध आश्रम में निवासरत वृद्धजनों से बात की। जिन बच्चों ने यहां पर भ्रमण किया उसमें डोनेट अ स्माइल फाउंडेशन और मप्र पुलिस द्वारा चलाए जा रहे स्टूडेंट पुलिस कैडेट योजना के तहत चिंहित बच्चे शामिल रहे। स्टूडेंट पुलिस कैडेट योजना के तहत पांच स्कूलों से 20-20 छात्रों को चिंहित किया गया है। इसका उद्देश्य बच्चों में ऐसी भावना को जागृत करना। जिससे वो कल एक अच्छे समाज का हिस्सा बन सकें। इस मौके पर छात्रों के साथ संस्था व पुलिस के अधिकारी व जवान भी शमिल रहे। जिला विकलांग पुनर्वास केंद्र के विकास शर्मा ने स्कूलों को छात्रों को बताया कि कैसे दिव्यांगजनों के लिए यह संस्था कार्य करती है। साथ ही डीडीआरसी व कम्प्यूर केंद्र के बारे में पूरी जानकारी बच्चों को दी गई। इसके अलावा बिना सरकारी मदद के संचालित मंगलम दिव्यांग विद्यालय के संचालन के बारे में भी बताया गया। यहां बताया गया कि संस्था द्वारा दिव्यांग बच्चों के लिए संचालित स्कूल में कैसे श्रवण बाधित, दृष्टिहीन एवं मानसिक बच्चे कैसे अध्यापन करते हैं उन्हें कैसे पढ़ाया जाता है और कैसे समझाए जाता है। इस मौके पर निर्भया की टीम के सदस्य भी मौजूद रहे।
शिवपुरी। डोनेट अ स्माइल फाउंडेशन और मप्र पुलिस द्वारा चलाए जा रहे स्टूडेंट पुलिस कैडेट योजना के तहत निर्भया प्रभारी गायत्री इटोरिया शनिवार को पांच स्कूलों के 100 छात्रों के साथ दिव्यांगजनों के काम करने वाली प्रसिद्ध संस्था मंगलम पहुंची, जहां बच्चों ने दिव्यांगजनों के लिए किए जाने वाले कार्यों को देखा। मंगलम केंद्र के भ्रमण के दौरान इन छात्रों ने जिला पुर्नवास केंद्र डीडीआरसी और दिव्यांग विद्यालय का भ्रमण किया। इस दौरान गायत्री इटोरिया द्वारा एक प्रतियोगिता का भी आयोजन कराया गया जिसमें प्रथम, द्वितीय एवं तृतीय आने वाले छात्रों को वृद्ध निराश्रित जनों से पुरस्कार दिलाया। इसके अलावा छोटे-छोटे बच्चों ने वृद्ध आश्रम में निवासरत वृद्धजनों से बात की। जिन बच्चों ने यहां पर भ्रमण किया उसमें डोनेट अ स्माइल फाउंडेशन और मप्र पुलिस द्वारा चलाए जा रहे स्टूडेंट पुलिस कैडेट योजना के तहत चिंहित बच्चे शामिल रहे। स्टूडेंट पुलिस कैडेट योजना के तहत पांच स्कूलों से 20-20 छात्रों को चिंहित किया गया है। इसका उद्देश्य बच्चों में ऐसी भावना को जागृत करना। जिससे वो कल एक अच्छे समाज का हिस्सा बन सकें। इस मौके पर छात्रों के साथ संस्था व पुलिस के अधिकारी व जवान भी शमिल रहे। जिला विकलांग पुनर्वास केंद्र के विकास शर्मा ने स्कूलों को छात्रों को बताया कि कैसे दिव्यांगजनों के लिए यह संस्था कार्य करती है। साथ ही डीडीआरसी व कम्प्यूर केंद्र के बारे में पूरी जानकारी बच्चों को दी गई। इसके अलावा बिना सरकारी मदद के संचालित मंगलम दिव्यांग विद्यालय के संचालन के बारे में भी बताया गया। यहां बताया गया कि संस्था द्वारा दिव्यांग बच्चों के लिए संचालित स्कूल में कैसे श्रवण बाधित, दृष्टिहीन एवं मानसिक बच्चे कैसे अध्यापन करते हैं उन्हें कैसे पढ़ाया जाता है और कैसे समझाए जाता है। इस मौके पर निर्भया की टीम के सदस्य भी मौजूद रहे।







