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मतभेदों को मनभेद में परिवर्तित होने से पहले ही मिटा दो

बताया घरेलू हिंसा से महिलाओं के संरक्षण का तरीका
शिवपुरी। घरेलू हिंसा महिलाओं पर होने वाली हिंसाओं में सबसे अधिक होने वाली हिंसा है।यह हिंसा सामाजिक विकास को सबसे अधिक प्रभावित करती है। एक सर्वेक्षण के अनुसार हर तीसरी महिला किसी न किसी प्रकार की घरेलू हिंसा से पीडि़त है। हिंसा शारिरिक हो,मानसिक हो या आर्थिक। हर प्रकार की हिंसा से निजात दिलाने के कानून में प्रावधान किये गए है।
आंगनवाड़ी ट्रेनिंग सेंटर पर बाल संरक्षण अधिकारी राघवेंद्र शर्मा ने प्रशिक्षणार्थी आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं को घरेलू हिंसा निवारण के उपायों पर चर्चा करते हुए कहा कि इस पति पत्नी के रिस्तों के विखराव का सबसे बुरा प्रभाव बच्चों के भविष्य पर पड़ता है।बच्चों के विकास के लिये मां का स्नेह और पिता का मार्गदर्शन दोनों जरूरी है। माता पिता को बच्चों के विकास को नजरंदाज नहीं करना चाहिये।आपसी गिले शिकवे जो भी है उन्हें आपसी सहमति से मिटा देना चाहिये।अगर परामर्श की आवश्यकता हो तो वन स्टॉप सेंटर की सेवाएं लेनी चाहिये। घरेलू हिंसा का मूल कारण अधिकांशत: वैचारिक मतभेद अथवा गलतफहमी होता है।
अगर गलतफहमी दूर न हो तो वह नफरत में बदल जाती है। रिश्तों के बीच उतपन्न मतभेदों को मनभेद में परिवर्तित होने से पहले ही मिटाने के सभी आवश्यक प्रयत्न होने चाहिये।अगर सफलता न मिले तो महिला एवं बाल विकास विभाग से मदद ली जा सकती है।विभाग इस प्रकार के मामलों को विशेषज्ञ परामर्शदाताओं की निशुल्क सेवाएं उपलब्ध कराता है।मैंने इस प्रकार के अनेकों प्रकरणों को देखा है,जहां महज वैचारिक मतभेदों के कारण हंसते खेलते परिवारों में विखराव हुआ है।
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कानून का दुरुपयोग न करें
अधिकारी शर्मा ने कहा कि मेरे सामने कुछ ऐसे प्रकरण भी आये है,जिनमें विवाद किसी अन्य बात को लेकर था,पर शिकायत दहेज उत्पीडऩ के रूप में की गई।यह गलत है ऐसा हरगिज नहीं होना चाहिये।यह कानून का दुरुपयोग है। न तो अन्याय सहन करना है और न किसी दूसरे के साथ अन्याय करना है।झूठी शिकायतें अक्सर परिवारों को तोडऩे का काम करतीं है। अगर समस्याओं को सुलझाने का प्रयास किया जाए तो हर समस्या सुलझ सकती है।दुसरों के बहकावे में आकर नई समस्याओं को पैदा न होने दें। प्रशिक्षण में बच्चों के यौन शोषण से बचाव के सम्बंध में भी विस्तार से जानकारी दी गई। उल्लेखनीय है कि जिले के आंगनबाड़ी प्रशिक्षण केंद्र पर भिंड जिले की आंगनबाड़ी कार्यकर्ताएं 30 दिवसीय प्रशिक्षण प्राप्त कर रहीं है। कार्यक्रम में प्रशिक्षण केंद्र की सहायक निर्देशिका माया मिश्रा भी मौजूद थीं।

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