शिवपुरी। जिले में संचालित आदिम जाति कल्याण के अंतर्गत छात्रावासों में अधीक्षक किसी तरह से अपनी मनमानी पर उतारू बने हुए हैं यह देखते ही बन रहा है। एक ओर पिछले एक दो वर्ष से जिला अधिकारी की कुर्सी पर विभाग की ओर से फुल फ्रेश जिला अधिकारी अभी तक शिवपुरी में आए हैं, वहीं जिलेभर में लगभग एक सैंकड़ा से अधिक छात्रावास संचालित हैं जिनमें अधीक्षक पूरी तरह से अपनी मनमर्जी से उतारू बने हुए हैं। अधीक्षक की मनमानी से परेशान छात्रों ने आज कोलारस एसडीएम कार्यालय पहुंचकर एसडीएम से शिकायत की है।
यहां बता दें कि इससे पूर्व छात्रावास अधीक्षक की हिटलरशाही और मनमर्जी से जुड़ा हुआ यह मामला बुधवार को उस समय सामने आया जब शासकीय अनुसूचित जाति उत्कृष्ट बालक छात्रावास कोलारस के लगभग दो दर्जन से अधिक छात्र शिकायत करने के लिए शिवपुरी आए हुए थे। इससे पहले कि छात्र अपना आवेदन जिला प्रशासन को सौंपते उससे पहले ही वह बीच रास्ते में एक हादसे का शिकार हो गए। बताया जाता है कि दो दर्जन से अधिक छात्र पेट की भूख और लगातार अधीक्षक द्वारा हो रहे अत्याचार की शिकायत को लेकर जैसे ही बड़ौदी निकले वैसे ही छात्रों का वाहन एक बुलेरो से टकरा गया। इस हादसे में थोड़ा बहुत नुकसान बुलेरो के मालिक का हो गया और मौके पर ही बुलेरो संचालक इन छात्रों को देख लेने की धमकी देने लगा। जैसे-तैसे यह छात्र झांसी तिराहे तक पहुंचे वैसे ही इन छात्रों के परिजनों को बुलेरो सवार एवं उनके साथियों ने झांसी तिराहे से अगवा कर लिया और अगवा कर शहर के किसी सुनसान इलाके में बंधक बनाकर रखा गया। खासबात यह है कि छात्र पिछले दो वर्ष से छात्रावास अधीक्षक नरेन्द्र कुशवाह के हिटरशाही रवैए से परेशान बने हुए हैं और न्याय मांगने के लिए सभी छात्र एकत्रित होकर व अपने परिजनों को लेकर शिवपुरी कलेक्ट्रेट आ रहे थे तभी उनके साथ यह हादसा हो गया। छात्रावास अधीक्षक शिकायत तो दूर यह छात्र अपना आवेदन भी जिला प्रशासन नहीं दे सके थे और रास्ते में ही दुर्घटना का शिकार हो गए थे। इस मामले में छात्र काफी देर तक झांसी तिराहे पर तितर-बितर होते रहे और मौके पर जमा लोगों से स्वयं के लिए मदद मांग रहे थे। काफी देर बाद यह छात्र अपनी पीड़ा को लेकर सिटी कोतवाली पहुंचे, जहां पुलिस ने कुछ देर मशक्कत के बाद उक्त बुलेरो को को होटल क्वालिटी के सामने पकड़ लिया। पुलिस ने सबसे पहले बुलेरो के चारों पहियों की हवा निकाली और बुलेरो सवार व उसके साथियों एवं अगवा किए गए छात्रों के परिजनों को गाड़ी से उतारकर सिटी कोतवाली ले गए। जहां पुलिस ने पूछताछ के बाद बुलेरो सवार व उसके साथियों के खिलाफ मारपीट का मामला दर्ज कर लिया है। बताया जाता है कि घटना में बुलेरो सवार ने एक छात्र व उसके परिजनों के ऊपर कट्टा भी अड़ा दिया था। इस पूरे घटनाक्रम में यह निकलकर सामने आया है कि छात्रों की ऑटो बडौदी पर बुलेरो से टकरा गई थी जिसमें बुलेरो सवार इन छात्रों से पाँच हजार रुपए की मांग कर रहा था न देने पर एक छात्र व दो अन्य परिजन को अगवा कर लिया गया। इस तरह से यह छात्र न्याय मांगने के बजाय उल्टे पुलिस के हाथों फंस गए।
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दो वर्ष में कई बार शिकायत कर चुके हैं छात्र
शासकीय अनु. जाति उत्कृष्ट बालक छात्रावास कोलारस में पदस्थ अधीक्षक नरेन्द्र कुशवाह की हिटलरशाही और तनावपूर्ण रवैया को लेकर यहां के छात्र पिछले दो वर्ष में कई बार जिला मुख्यालय पर शिकायत लेकर आ चुके हैं, लेकिन उक्त अधीक्षक के खिलाफ स्वयं के विभाग सहित जिला कलेक्टर भी कुछ नहीं कर पाए हैं। छात्रों की शिकायत है कि छात्रावास में समय पर न तो नाश्ता मिलता है और न ही भोजन। छात्रावास में नहाने के साबुन, दंत मंजन, मच्छरदानी भी समय पर नहीं मिलती है। साथ ही भोजन भी घटिया क्वालिटी का मिलता है। इन्हीं सब मुद्दों को लेकर उक्त छात्रावास के छात्र कई बार छात्रावास नरेन्द्र कुशवाह की शिकायत जिला मुख्यालय पर कर चुके हैं और बीते रोज भी रोते बिलखते छात्र शिकायत लेकर कलेक्ट्रेट आ रहे थे। कुल मिलाकर आदिम जाति कल्याण के अंतर्गत जिलेभर में संचालित छात्रावासों में छात्रों की दयनीय स्थिति बनी हुई है। इन छात्रावासों में स्वयं आदिम जाति कल्याण विभाग के डीईओ भी समय-समय पर निरीक्षण नहीं करते हैं साथ ही साथ इस विभाग में अधीक्षक 15 और 20 सालों से एक ही स्थान पर जमे हुए हैं। विभाग में जिला अधिकारी कार्यालय में भी कई बाबू इन अधीक्षकों पर मेहरबान है जिस कारण से छात्रों की स्थिति खराब बनी हुई है। देखना होगा कि आने वाले दिनों में इन छात्रावासों में रहकर पढ़ाई कर रहे छात्रों की दिनचर्या में किस तरह से और कौन बदलाव ला सकता है?






