- मेडिकल कॉलेज को एमसीआई से मिली अनुमति इसी सत्र से होंगे एडमिशन: सिंधिया
शिवपुरी। सांसद ज्योतिरादित्य सिंधिया ने आज बॉम्बे कोठी पर पत्रकार बुलाकर अवगत कराया कि जिस मेडिकल कॉलेज की स्वीकृति को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और पूर्व मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान कागज का टुकड़ा बताकर निरस्त कर रहे थे। अब उसी मेडिकल कॉलेज का न केवल निर्माण हो गया है बल्कि मेडिकल कौंसिल ऑफ इंडिया से इसकी स्वीकृति भी मिल गई है। प्रदेश सरकार ने मेडिकल कॉलेज ऑफ कौंसिल की शर्तों की पूर्ति कर दी है और इसी सत्र से मेडिकल कॉलेज में प्रवेश शुरू हो जाएंगे। पत्रकारवार्ता में श्री सिंधिया ने अपने विकास कार्यों को भी गिनाया और प्रधानमंत्री मोदी पर जमकर हमले किए।
पत्रकारवार्ता में श्री सिंधिया ने शिवपुरी मेडिकल कॉलेज के निर्माण को अपनी और तत्कालीन केंद्र की कांग्रेस सरकार की एक बड़ी उपलब्घि बताया। श्री सिंधिया ने बताया कि 225 करोड़ रूपए का शिवपुरी मेडिकल कॉलेज अब पूरी तरह बनकर तैयार हो गया। मैं मोदी जी और शिवराज जी को निमंत्रण देना चाहता हूं कि वह आकर देखें कि कैसे कागज के टुकड़े पर मेडिकल कॉलेज बनते हैं। मेडिकल कॉलेज में कक्षाएं प्रारंभ करने हेतु एमसीआई ने स्वीकृति दे दी है। एमसीआई ने 2 मई को प्रदेश सरकार को पत्र लिखकर 4 अंडरटेकिंग मांगी थी। एक तो मेडिकल कॉलेज में आधारभूत संरचना हो, विद्यार्थियों को प्रवेश देना शुरू कर दिया हो, इसके संचालन हेतु बजट में प्रावधान हो और 15 प्रतिशत प्रवेश में आरक्षण हो और इन शर्तों की पूर्ति प्रदेश सरकार ने कर दी है और तथा 8 मई को इसका पत्र एमसीआई को भी प्रदेश सरकार ने लिख दिया है। श्री सिंधिया ने एमसीआई की चि_ी और प्रदेश सरकार का पत्र भी मीडिया को दिखाया। श्री सिंधिया ने कहा कि मेडिकल कॉलेज प्रवेश के लिए जो आखिरी कदम था वह उठा लिया गया है। सारे इंस्पेक्शन ऑब्जरबेशन अंडरटेंकिंग सब पूर्ण हो गए हैं सिर्फ 10-5 दिन में एमसीआई का स्वीकृति पत्र आ जाएगा और मेडिकल कॉलेज इसी सत्र से शुरू हो जाएगा।
शिवपुरी में पानी सप्लाई में भ्रष्टाचार : सिंधिया
सांसद ज्योतिरादित्य सिंधिया ने ग्रीष्म ऋतु में जल परिवहन व्यवस्था में भ्रष्टाचार का आरोप लगाया है। श्री सिंधिया ने कहा कि भ्रष्टाचार रोकने के लिए टैंकरों पर जीपीएस सिस्टम लगाया गया था, लेकिन टैंकर मालिकों ने ट्रेक्टर से जीपीएस सिस्टम हटाकर मोटरसाइकिलों पर लगा लिए हैं। जिससे भ्रष्टाचार नहीं रूक पा रहा है। श्री सिंधिया ने बेबसी के अंदाज में कहा कि अब मैं कहां कहां तक गली गली घूमूं। श्री सिंधिया ने कहा कि शहर में जल परिवहन के लिए डली लाइन में पानी आना शुरू हो गया है, लेकिन 60 प्रतिशत क्षेत्र में अभी लाइन डली ही नहीं है। ऐसे में उन क्षेत्रों में कैैसे पानी जाएगा। मैं कोशिश कर रहा हूं कि परिवहन के द्वारा वहां तक जल पहुंचा जा सके। पेयजल परिवहन हेतु मेरे निर्देश पर शहर में 100 टेंकर लगे हुए जिनमें से 84 टेंकर ढाई हजार लीटर के हैं और मैंने 12 हजार लीटर के छह टेंकर ग्वालियर से भी मंगवाए हैं। पेयजल परिवहन सुचारू रूप से हो इसलिए टे्रक्टरों पर जीपीएस सिस्टम लगाया है, लेकिन चतुर ट्रेक्टर मालिकों ने टेंकरों से जीपीएस सिस्टम हटाकर अपनी मोटरसाइकिल पर लगा दिया और उससे वह पूरे शहर में घूम रहा है। अब मैं गली-गली जाकरउ उसे देख नहीं सकता। जब पत्रकारों ने उनसे पूछा कि नगर पालिका अध्यक्ष को वांॅचिंग करनी चाहिए तो श्री सिंधिया ने कहा कि आपको क्यों नहीं आप भी शहर के जिम्मेदार नागरिक हैं। शहर में सिंध जलावर्धन योजना के क्रियान्वयन पर अपने प्रयासों का जिक्र करते हुए श्री सिंधिया ने कहा कि भाजपा शासनकाल में घटिया पाइप लाइन डली हुई थी जो प्रत्येक 100 मीटर पर बस्ट हो रही थी जिससे 17 टंकियों में से दो टंकी भी प्रतिदिन नहीं भर पा रही थी और मुश्किल से 2 मिलियन लीटर जल प्रतिदिन टंकियों में आ रहा था, लेकिन मेरे प्रयासों से 17 में से 12 टंकियां प्रतिदिन भर रही हैं और उनमें प्रतिदिन 17 मिलियन लीटर जल आ रहा है जबकि शहर को प्रतिदिन 15 मिलियन लीटर जल की आवश्यकता है।
पानी बेचने का धंधा चलता रहे इसलिए पार्षद ने तोड़ी पाइप लाइन: सिंधिया
सांसद सिंधिया ने पत्रकारवार्ता में भाजपा पार्षद पति अनिल बघेल का नाम लिए बिना कहा कि उसका पानी बेचने का धंधा चलता रहे और उसके पानी के टेंकर चलते रहे इसलिए उसने पाइप लाइन तोड़ दी। उस पर एफआईआर हो गई है और मैँ चाहे कांग्रेस पार्षद या भाजपा का पार्षद किसी को नहीं छोडूंगा, यदि वह भ्रष्टाचार और गड़बड़ी में लिप्त पाया गया तो।







