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कांग्रेस-भाजपा प्रत्याशियों की नींद उड़ाई बागियों ने, भाजपा में भितरघात अधिक

शिवपुरी। शिवपुरी जिले की पांचों विधानसभा सीटों पर प्रमुख दल कांग्रेस और भाजपा के बागियों ने उनके दल के उम्मीद्वारों की मुश्किलें बढ़ा दी हैं। जिले में कोई ऐसा विधानसभा क्षेत्र नहीं हैं जहां अपने दल के उम्मीद्वार के खिलाफ बागी सक्रिय नहीं हैं। किसी विधानसभा क्षेत्र में बागी उम्मीद्वार मैदान में हैं तो कहीं-कहीं उम्मीद्वारों से असंतुष्ट कार्यकर्ता खुलकर पार्टी विरोधी उम्मीद्वार का प्रचार कर रहे हैं। आश्चर्य की बात तो यह है कि अनुशासित कही जाने वाली भाजपा में बागियों की समस्या अधिक गंभीर है। पोहरी में तो कांग्रेस और भाजपा के बड़ी संख्या में असंतुष्ट कार्यकर्ता बसपा प्रत्याशी को समर्थन दे रहे हैं। 
भितरघात की समस्या का इस चुनाव में कांग्रेस और भाजपा दोनों दलों के प्रत्याशियों को जबर्दस्त सामना करना पड़ा है। बड़ी संख्या में कांग्रेस कार्यकर्ता टिकट मिलने के बाद घर बैठ गए हैं और गुपचुप रूप से वह भाजपा प्रत्याशी यशोधरा राजे सिंधिया की कमान संभाल रहे हैं। कुछ कार्यकर्ता प्रचार तो देखने दिखाने को कांग्रेस प्रत्याशी सिद्धार्थ लढ़ा का कर रहे हैं, लेकिन परदे के पीछे से उनकी भूमिका किसी से छिपी नहीं है। श्री लढ़ा की कमान मुख्य रूप से कांग्रेस के महल विरोधी कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने संभाल रखी है। चुनावी मैनेजमेंट का काम दिग्गी समर्थक कर रहे हैं। जबकि सिंधिया समर्थकों ने अपनी ड्यूटी जिले के अन्य विधानसभा क्षेत्रों में लगा ली है, लेकिन इसके बाद भी लढ़ा के समर्थकों का कहना है कि वह चिंतित नहीं हैं, क्योंकि कांग्रेस कार्यकर्ताओं के प्रचार से दूर होने के बावजूद इसकी भरपाई भाजपा कार्यकर्ताओं से हो रही है। बड़ी संख्या में भाजपा कार्यकर्ता पार्टी प्रत्याशी यशोधरा राजे को हराने के लिए सिद्धार्थ लढ़ा के प्रचार से जुड़े हुए हैं और वह उन्हें गुपचुप सलाह भी दे रहे हैं। भितरघात के कारण शिवपुरी विधानसभा क्षेत्र का चुनाव काफी रोचक हो गया है। कोलारस विधानसभा क्षेत्र में भाजपा ने कांग्रेस से आए पूर्व विधायक वीरेन्द्र रघुवंशी को उम्मीद्वार बनाया। इस कारण स्थानीय भाजपा कार्यकर्ताओं में उनकी उम्मीद्वारी से नाराजी है। पूर्व विधायक देवेन्द्र जैन और उनके अनुज जितेन्द्र जैन गोटू ने वीरेन्द्र के प्रचार से पूरी तरह दूरी बना ली है। वे एक दिन भी कोलारस नहीं गए यहां तक कि मुख्यमंत्री शिवराज ङ्क्षसंह चौहान और केन्द्रीय मंत्री नरेन्द्र सिंह तोमर की सभा में उनकी अनुपस्थिति साफतौर पर परिलक्षित हुई। इनके अलावा श्री रघुवंशी के प्रचार में भाजपा के कम से कम आधा दर्जन वरिष्ठ नेता ऐसे हैं जो प्रचार में रहकर उन्हें हराने में जुटे हुए हैं। जिले की भाजपा में सबसे अधिक भितरघात कोलारस विधानसभा क्षेत्र में देखने को मिल रहा है। ऐसी प्रतिकूल स्थिति में भी यदि भाजपा प्रत्याशी वीरेन्द्र रघुवंशी सिर्फ जनता के भरोसे चुनाव जीत सकते हैं। कांग्रेस प्रत्याशी महेन्द्र यादव का विरोध भी कांग्रेस कार्यकर्ताओं में जबर्दस्त है। श्री यादव की कोलारस की राजनीति में एंट्री पैराशूट की तरह हुई। अपने विधायक पिता के निधन के बाद वह उपचुनाव में एमएलए बन बैठे और फिर इस चुनाव में भी पार्टी ने उन्हें टिकट दे दिया। श्री यादव का छह माह का कार्यकाल सक्रियता की दृष्टि से उपलब्धिजनक कतई नहीं रहा। कोलारस विधानसभा क्षेत्र में टिकट के अनेक दावेदार थे, लेकिन भाग्य के सहारे जब महेन्द्र को टिकट मिल गया तो कांग्रेस कार्यकर्ताओं में उनका विरोध भी शुरू हो गया। यहां तक कि यादव बाहुल्य गांवों में भी उन्हें परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। पोहरी विधानसभा क्षेत्र में भितरघात की समस्या कांग्रेस और भाजपा में बराबर है। यहां से भाजपा की ओर से पूर्व विधायक नरेन्द्र बिरथरे टिकट के दावेदार थे और उन्हें टिकट न मिलने से पोहरी में भाजपा कार्यकर्ताओं का एक बड़ा वर्ग प्रहलाद भारती को हराने में जुटा हुआ है। यहां के भितरघातियों ने बसपा प्रत्याशी कैलाश कुशवाह को समर्थन दे दिया है। श्री कुशवाह भी भाजपाई हैं, लेकिन टिकट न मिलने के कारण उन्होंने पार्टी से बगावत कर बसपा से टिकट ले लिया है। जहां तक कांग्रेस का सवाल है पोहरी में बड़ी संख्या में कांग्रेस के ब्राह्मण कार्यकर्ता पार्टी प्रत्याशी सुरेश राठखेड़ा को हराने में जुटे हुए हैं। उनका समर्थन भी बसपा प्रत्याशी को मिल रहा है। करैरा विधानसभा क्षेत्र में आश्चर्यजनक रूप से भाजपा ने राजकुमार खटीक को टिकट दिया जिससे टिकट के प्रबल दावेदार पूर्व विधायक रमेश खटीक ने बगावती होकर सपाक्स से टिकट ले लिया। श्री खटीक की इच्छा है कि या तो वह चुनाव जीतें और उनके समर्थक कहते हैं कि यदि वह चुनाव नहीं जीते तो कम से कम राजकुमार खटीक की हार अवश्य सुनिश्चित कर देंगे। यहां कांग्रेस की ओर से जसवंत जाटव को टिकट मिलने से निवर्तमान विधायक शकुन्तला खटीक प्रचार प्रसार से दूर हो गईं हैं। पिछोर विधानसभा क्षेत्र में बड़ी संख्या में सिंधिया समर्थक कार्यकर्ता कांग्रेस प्रत्याशी केपी सिंह के विरोध में प्रचार में जुटे हुए हैं। यही स्थिति भाजपा प्रत्याशी प्रीतम लोधी की है। श्री लोधी स्थानीय नहीं है इससे उनकी उम्मीद्वारी से टिकट के दावेदार भैयासाहब लोधी, लोकपाल लोधी, नवप्रभा पडरया आदि भाजपा कार्यकर्ता नाराज हैं और वह घर बैठ गए हैं। 

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