शिवपुरी। शिवपुरी जिले की पांच विधानसभा सीटों के लिए 28 नवंबर को होने वाले मतदान को लेकर सबकी निगाहें इस बात पर हैं कि मतदान का प्रतिशत क्या रहता है। मतदान का प्रतिशत बीते वर्ष 2013 से कम होगा या ज्यादा इस पर सबकी निगाहें लगी हैं। जानकारों का कहना है कि इस बार मतदाता शांत हैं और ज्यादा मतदान प्रतिशत रहा तो सत्ताधारी दल भाजपा को इसका नुकसान हो सकता है, लेकिन कुछ जानकारों का कहना है कि ज्यादा मत प्रतिशत से भाजपा को फायदा भी हो सकता है। वैसे वर्ष 2013 में जिले की पांचों सीटों पर मतदान का प्रतिशत औसत 71.52 रहा था। जिसमें करैरा विस में 71.77, पोहरी में 66.71, शिवपुरी विस में 68.41, पिछोर में 78.13, कोलारस विस में 72.58 प्रतिशत रहा था। अब 28 नवंबर को होने वाला मतदान का प्रतिशत इससे ज्यादा होगा कि नहीं यह देखने वाली बात होगी।
स्वीप अभियान पर लाखों खर्च
शिवपुरी जिले में स्वीप अभियान अंतर्गत मतदाताओं को मतदान के प्रति जागरूक करने के उद्देश्य से लाखों रुपए का बजट खर्च किया गया है। इस अभियान अंतर्गत जागरूकता नारों, बैनर, पोस्टर, रथ एवं अन्य गतिविधियों में लाखों रुपए का बजट ठिकाने लगा दिया गया है। ऐसे में अब इसके पॉजिटिव रिजल्ट क्या रहते हैं। यह देखने वाली बात होगी। अगर जिले की पांचों सीटों पर वर्ष 2013 के मतदान प्रतिशत 71.52 से ज्यादा वोटिंग इस साल होती है तो ठीक नहीं तो इतना बजट खर्च किया गया उसकी समीक्षा भी होनी चाहिए।
शिवपुरी पर सबकी निगाहें
शिवपुरी विधानसभा क्षेत्र के मतदान प्रतिशत पर भी सबकी नजर है। खासकर शहरी इलाके में मतदान का प्रतिशत क्या रहता है यह देखने वाली बात होगी। वर्ष 2013 में पूरे विधानसभा क्षेत्र में 68.41 प्रतिशत मतदान हुआ था। जिसमें शहरी क्षेत्र में मतदान का प्रतिशत 60 से भी कम रहा था। अब इस साल होने वाले विधानसभा चुनाव के लिए 28 नवंबर को होने वाले मतदान में यह प्रतिशत बढ़ता है कि नहीं यह देखना होगा।







