पिछली सरकार में शिवपुरी जिले के दो और संसदीय क्षेत्र के थे दो मंत्रीशिवपुरी। नवगठित मोहन यादव मंत्रिमंडल में शिवपुरी जिले को कोई प्रतिनिधित्व नहीं मिला है। शिवपुरी के अलावा गुना, अशोकनगर जो कि गुना शिवपुरी संसदीय क्षेत्र के अंतर्गत हैं, उन्हें भी निराशा का सामना करना पड़ा है। जबकि पिछली सरकार में शिवपुरी जिले से दो मंत्री और शिवपुरी गुना संसदीय क्षेत्र में भी दो मंत्री थे जबकि शिवपुरी जिले की पोहरी जो कि ग्वालियर संसदीय क्षेत्र के अंतर्गत है। वहां के विधायक को भी मंत्री बनाया गया था।
शिवपुरी जिले की आठ विधानसभा सीटों में से 2023 के चुनाव में भाजपा को छह सीटें हासिल हुई थी। शिवपुरी जिले की तीनों सीटों पर भाजपा विजयी हुई थी जबकि अशोकनगर जिले की तीन सीटों में से दो पर भाजपा जीती थी। गुना जिले की संसदीय क्षेत्र की दो सीटों में से भाजपा को एक सीट पर जीत हासिल हुई थी। विधानसभा चुनाव में शिवपुरी जिले और संसदीय क्षेत्र में भाजपा के शानदार प्रदर्शन के बाद यह आशा थी कि इलाके के किसी ना किसी विधायक को मंत्री अवश्य बनाया जाएगा। मंत्री पद के दावेदारों में पूर्व मंत्री बृजेन्द्र यादव (मुंगावली), विधायक देवेंद्र जैन शिवपुरी और कोलारस विधायक महेन्द्र यादव का नाम प्रमुखता से लिया जा रहा था। पिछोर से जीते विधायक प्रीतम लोधी का नाम भी मंत्री पद के लिए इसलिए चर्चा में था, क्योंकि कांग्रेस इस सीट पर 1993 से 2018 तक लगातार छह बार जीती थी, लेकिन प्रीतम लोधी ने कांग्रेस के इस गढ़ को धराशायी करने में सफलता प्राप्त की थी। शिवपुरी विधायक देवेन्द्र जैन ने पिछोर से छह बार जीते विधायक केपी सिंह को 44 हजार मतों के भारी अंतर से पराजित किया था। देवेन्द्र जैन तीन बार चुनाव जीत चुके हैं। उनकी इलाके में छवि अच्छी है और वह भाजपा के सभी गुटों से समन्वय बनाकर चलते हैं। श्री जैन कोलारस विधानसभा क्षेत्र से टिकट मांग रहे थे, लेकिन जब शिवपुरी विधायक और प्रदेश सरकार की मंत्री यशोधरा राजे सिंधिया ने चुनाव लडऩे से इंकार किया तो उन्हें शिवपुरी से टिकट दिया गया और वह यहां से भी बड़ी आसानी से चुनाव जीत गए। इससे पहले 30 साल पूर्व उन्होंने शिवपुरी से विजय हासिल की थी और वह 2008 में कोलारस से विधायक रह चुके हैं। कोलारस से जीते महेन्द्र यादव मूल रूप से सिंधिया समर्थक हैं और ज्योतिरादित्य सिंधिया के साथ वह कांग्रेस से भाजपा में आए हैं। कांग्रेस में वह अपने पिता के निधन के पश्चात हुए उपचुनाव में विजयी हुए थे। मौजूदा समय में विधानसभा में यह उनका दूसरा कार्यकाल होगा, लेकिन मंत्री पद से उन्हें भी वंचित होना पड़ा है। शिवराज सिंह सरकार में मुंगावली विधायक बृजेन्द्र सिंह यादव मंत्री रह चुके हैं। श्री यादव सिंधिया के साथ मार्च 2020 में कांग्रेस से जब भाजपा में आए थे तो उस समय कांग्रेस विधायक थे। भाजपा में आने के बाद उन्होंने पार्टी टिकट पर उपचुनाव लड़ा और विजयी होने के बाद उन्हें मंत्री बनाया गया। 2023 के विधानसभा चुनाव में भी वह विजयी हुए, लेकिन इस बार उन्हें मंत्री पद से वंचित होना पड़ा। शिवपुरी जिले में पोहरी विधानसभा क्षेत्र से सिंधिया के साथ कांग्रेस से भाजपा में आए सुरेश राठखेड़ा भी शिवराज सिंह सरकार में मंत्री थे, लेकिन इस बार वह बुरी तरह पराजित हुए। कुल मिलाकर मंत्री पद के चयन में शिवपुरी जिले और शिवपुरी गुना संसदीय क्षेत्र की उपेक्षा हुई है। इसके अलावा दतिया से भी किसी को मंत्री नहीं बनाया गया है। श्योपुर जिले से भी मंत्री नहीं बना है। हालांकि श्योपुर में दोनों सीटों पर कांग्रेस विजयी हुई है।
जिले में एक मंत्री ने नहीं लड़ा चुनाव और दूसरा हुआ पराजित
तत्कालीन शिवराज सिंह सरकार में शिवपुरी जिले से दो मंत्री थे। इनके नाम हैं शिवपुरी विधायक यशोधरा राजे सिंधिया जो कि चार बार शिवपुरी से विधायक रह चुकी हैं और 2005 से वह मंत्री बनीं हुईं हैं। उस कार्यकाल के अलावा जब वह ग्वालियर संसदीय क्षेत्र से सांसद रहीं थीं। यशोधरा राजे के अलावा सुरेश राठखेड़ा भी शिवराज सरकार में लोक निर्माण राज्य मंत्री रह चुके हैं। इन दोनों मंत्रियों में से खेल एवं युवक कल्याण मंत्री यशोधरा राजे सिंधिया ने स्वास्थ्य कारणों से चुनाव लडऩे से इंकार कर दिया था और उनके स्थान पर भाजपा ने देवेन्द्र जैन को टिकट दिया। जबकि दूसरे मंत्री सुरेश राठखेड़ा को भाजपा ने सर्वे में उनकी नेगेटिव रिपोर्ट के बाद भी उम्मीदवार बनाया, लेकिन वह पराजित हो गए। शिवपुरी जिले में भाजपा के तीसरे विधायक वीरेन्द्र रघुवंशी ने चुनाव के पहले भाजपा छोड़ दी और वह कांग्रेस में शामिल हो गए थे, लेकिन कांग्रेस ने उन्हें उम्मीदवार नहीं बनाया। इसके अलावा मार्च 2020 के उपचुनाव में करैरा से कांग्रेस प्रत्याशी प्रागीलाल जाटव निर्वाचित हुए थे, परंतु वह भी 2023 के चुनाव में पराजित हो गए। इस तरह से 2018 के चुनाव में जीता कोई भी विधायक 2023 में निर्वाचित नहीं हुआ।







