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महेन्द्र यादव सबसे अधिक मतों से और रमेश खटीक सबसे कम मतों से जीते


शिवपुरी और कोलारस सीट पर भाजपा का कब्जा रहा यथावत  

शिवपुरी। शिवपुरी जिले की पांच विधानसभा सीटों पर भाजपा पोहरी की हार के बाद क्लीन स्वीप करने से चूक गई। भाजपा को पोहरी पर न केवल हार का सामना करना पड़ा बल्कि कांग्रेस ने भाजपा से यह सीट बड़े मार्जिन से जीत ली। जबकि भाजपा ने कांग्रेस से पिछोर और करैरा सीटें छीनने में सफलता हांसिल की। पिछोर में तो भाजपा को 30 साल बाद जीत का स्वाद चखने का मौका मिला है। जबकि करैरा सीट से लगातार तीन बार हार रही भाजपा ने कांग्रेस को इस बार नजदीकी मुकावले में हारा दिया। पांच सीटों में से भाजपा को चार सीटें मिली जबकि कांग्रेस सिर्फ एक पोहरी सीट पर कब्जा कर पाई।
शिवपुरी जिले में सबसे बड़ी जीत कोलारस के भाजपा प्रत्याशी महेन्द्र यादव को मिली। इस विधानसभा क्षेत्र में भाजपा प्रत्याशी महेन्द्र यादव और कांग्रेस प्रत्याशी बैजनाथ सिंह यादव के बीच जोरदार मुकावला माना जा रहा था। लेकिन सारे अनुमानों को झुठलाते हुए भाजपा ने बहुत बड़े अंतर से कांग्रेस को पराजित कर दिया। भाजपा प्रत्याशी महेन्द्र यादव मतगणना के दौरान हर राउंड में आगे रहे। महेन्द्र यादव दूसरी बार विधायक निर्वाचित हुए हैं। उनके पिता स्व. रामसिंह यादव भी कोलारस से विधायक रह चुके हैं। महेन्द्र यादव की पुत्री नेहा यादव जिला पंचायत अध्यक्ष हैं। सिंधिया समर्थ महेन्द्र यादव ने कांग्रेस प्रत्याशी बैजनाथ सिंह यादव को 50973 मतों से पराजित किया। 2018 के विधानसभा चुनाव में भी भाजपा को यहां से जीत मिली थी। भाजपा प्रत्याशी वीरेन्द्र रघुवंशी ने उस समय के कांग्रेस प्रत्याशी महेन्द्र यादव को 720 मतों से पराजित किया था। श्री रघुवंशी अब भाजपा छोड़कर कांग्रेस में आ चुके हैं। खास बात यह है कि कोलारस से चुनाव लडऩे वाले कांग्रेस और भाजपा दोनों दलों के प्रत्याशी दल बदलू हैं। सिंधिया समर्थक महेन्द्र यादव सिंधिया के साथ कांग्रेस से भाजपा में आए हैं। वैजनाथ सिंह यादव भी सिंधिया समर्थक है और वह शिवपुरी जिला कांग्रेस अध्यक्ष भी रह चुके हैं। श्री सिंधिया के साथ वह भी भाजपा में आए थे। लेकिन टिकिट की आस में उन्होंने भाजपा छोड़ दी थी और वह कांग्रेस में शामिल हो गए थे। कोलारस में भाजपा प्रत्याशी महेन्द्र यादव को 108685 मत मिले जबकि बैजनाथ यादव कुल 57712 मत प्राप्त कर सके। उनकी हार का अंतर 50 हजार 973 मतों का रहा। वहीं करैरा के भाजपा प्रत्याशी रमेश खटीक सबसे कम मार्जिन 3 हजार 103 मतों से  चुनाव जीते। उन्होंने निवर्तमान विधायक कांग्रेस प्रागीलाल जाटव को पराजित किया। श्री खटीक को जहां 99 हजार 304 मत मिले वहीं प्रागीलाल 96201 मत प्राप्त कर सके। श्री खटीक 2008 में भी विधायक रह चुके हैं और 2018 में वह भाजपा के बागी प्रत्याशी के रूप में चुनाव में खड़े हुए थे, लेकिन पराजित हो गए थे। परन्तु उन्होंने भाजपा प्रत्याशी की हार अवश्य सुनिश्चित कर दी थी। भाजपा को सबसे जोरदार सफलता पिछोर विधानसभा क्षेत्र में मिली है। यहां भाजपा 1993 से जीत के लिए तरस रही थी। पिछोर में दो बार से पराजित हो रहे भाजपा प्रत्याशी प्रीतम लोधी ने कांग्रेस प्रत्याशी अरविन्द लोधी को 21 हजार 882 मतों से पराजित किया। प्रीतम को जहां 1 लाख 21 हजार 228 मत मिले जबकि अरविन्द को 99 हजार 346 मत प्राप्त हो सके। भाजपा को शिवपुरी विधानसभा क्षेत्र में भी जोरदार सफलता हांसिल हुई है। इस विधानसभा क्षेत्र में भाजपा का मजबूत आधार है। पिछले विधानसभा चुनाव में भाजपा प्रत्याशी यशोधरा राजे सिंधिया यहां से 28 हजार से अधिक मतों से पराजित हुई थी और उन्होंने जीत का एक रिकार्ड बनाया था। लेकिन इस बार भाजपा प्रत्याशी देवेन्द्र जैन ने जीत के इस रिकार्ड को ध्वस्त कर दिया है। देवेन्द्र जैन ने कांग्रेस प्रत्याशी केपी सिंह को 44 हजार 38 मतों से पराजित किया। श्री जैन को एक लाख 112 हजार 324 मत मिले। जबकि केपी सिंह सिर्फ 68 हजार 286 मत ही प्राप्त कर सके। श्री जैन 30 साल पहले शिवपुरी से विधायक रह चुके हैं। 30 साल पहले ही केपी सिंह ने पिछोर से कांग्रेस प्रत्याशी के रूप में पहली बार चुनाव लड़ा था और वह विजयी हुए थे।

पांचों विधायकों में सिर्फ देवेन्द्र जैन गेज्युएट
शिवपुरी जिले की पांच सीटों पर जीते विधायकों में सिर्फ शिवपुरी से विजयी हुए भाजपा प्रत्याशी देवेन्द्र जैन स्नातक तक शिक्षित है। इसके अलावा अन्य चार विधायकों ने कॉलेज का मूह नहीं देखा है। करैरा विधायक रमेश खटीक पांचवीं तक शिक्षित है जबकि महेन्द्र यादव, कैलाश कुशवाह और प्रीतम लोधी हायर सेकेण्ड़ी पास है।
जहां रहते हैं केपी सिंह वहां से भी पराजित हो गए
कांग्रेस प्रत्याशी केपी सिंह शिवपुरी में फिजीकल क्षेत्र में निवास करते हैं। यहां उनका निजी मकान है । वे अपनी इन्द्रानगर वाली पोलिंग मतदान क्रमांक 113 से पराजित हुए। यहां से 275 मत केपी सिंह को मिले जबकि देवेन्द्र जैन ने 389 मत प्राप्त किए।
कांग्रेस जिलाध्यक्ष विजय चौहान की पोलिंग पर भी कांग्रेस हारी
जवाहर कॉलोनी में जहां कांग्रेस जिलाध्यक्ष विजय सिंह चौहान रहते हैं वहां कांग्रेस प्रत्याशी केपी सिंह को हार मिली। पोलिंग क्रमांक 101 में केपी सिंह को 127 और देवेन्द्र जैन को 429 मत मिले। जबकि पोलिंग क्रमांक 102 में केपी ङ्क्षसह ने 286 मत प्राप्त किए। जबकि देवेन्द्र जैन ने 595 मत प्राप्त कर केपी सिंह पराजित किया। कांग्रेस के पूर्व जिलाध्यक्ष श्रीप्रकाश की चार पोलिंगों पर भी कांगे्रस को हार का सामना किया।

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