पुलिस ने दोनों आरोपियों को किया गिरफ्तार
शिवपुरी। भौंती थाना क्षेत्रांतर्गत कस्बे में कल लक्ष्मी मंदिर में स्थापित भगवान गणेश और कार्तिकेय की प्रतिमाओं को खंडित करने वाले आरोपियों की पहचान हो गई। शराब के नशे में धुत्त होकर शातिर बदमाश सतेंद्र पुत्र कंचनलाल तिवारी और कामेश तिवारी ने इस बारदात को अंजाम दिया था। पुलिस पूछताछ में आरोपियों ने बताया कि उन्होंने प्रतिमाएं इसलिए तोड़ी ताकि कस्बे में अशांति उत्पन्न हो और घटना के लिए जिम्मेदार मानते हुए थाना प्रभारी भौंती अशोकबाबू शर्मा को हटाया जा सके। थाना प्रभारी से दोनों आरोपीगण इसलिए रंजिश करते थे क्योंकि थाना प्रभारी ने आरोपी सतेंद्र के भतीजे पर कोई मामला कायम किया था।
23 और 24 की दरमियानी रात को लक्ष्मी मंदिर में स्थापित भगवान गणेश और कार्तिकेय की प्रतिमाओं को खंडित कर दिया गया। 24 फरवरी को जब इसकी जानकारी मंदिर जाने वाले लोगों को लगी तो कस्बे में तनाव फैल गया और हिंदू संगठन के लोग आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए थाने पहुंचे तथा उन्होंने बदमाशों को पकडऩे की मांग की। पुलिस ने जब इस मामले की पड़ताल की तो उन्हें पता चला कि मूर्तियां खंडित करने की सबसे पहली सूचना आरोपी सतेंद्र और कामेश तिवारी ने दी थी। इस पर थानेदार को दोनों आरोपियों पर संदेह हुआ। क्योंकि कुछ दिनों पहले वह थाना प्रभारी को हटवाने की बात लोगों से कर रहे थे। पुलिस ने दोनों बदमाशों को पकड़कर जब उनसे सख्ती से पूछताछ की तो उन्होंने उगल दिया कि रात के समय शराब के नशे में धुत्त होकर उन्होंने दोनों मूर्तियां तोड़ी थी। मूर्तियां इसलिए तोड़ी थी ताकि कस्बे में अशांति का वातावरण स्थापित हो और थाना प्रभारी को हटाने की कार्रवाई संभव हो सके।
शिवपुरी। भौंती थाना क्षेत्रांतर्गत कस्बे में कल लक्ष्मी मंदिर में स्थापित भगवान गणेश और कार्तिकेय की प्रतिमाओं को खंडित करने वाले आरोपियों की पहचान हो गई। शराब के नशे में धुत्त होकर शातिर बदमाश सतेंद्र पुत्र कंचनलाल तिवारी और कामेश तिवारी ने इस बारदात को अंजाम दिया था। पुलिस पूछताछ में आरोपियों ने बताया कि उन्होंने प्रतिमाएं इसलिए तोड़ी ताकि कस्बे में अशांति उत्पन्न हो और घटना के लिए जिम्मेदार मानते हुए थाना प्रभारी भौंती अशोकबाबू शर्मा को हटाया जा सके। थाना प्रभारी से दोनों आरोपीगण इसलिए रंजिश करते थे क्योंकि थाना प्रभारी ने आरोपी सतेंद्र के भतीजे पर कोई मामला कायम किया था।
23 और 24 की दरमियानी रात को लक्ष्मी मंदिर में स्थापित भगवान गणेश और कार्तिकेय की प्रतिमाओं को खंडित कर दिया गया। 24 फरवरी को जब इसकी जानकारी मंदिर जाने वाले लोगों को लगी तो कस्बे में तनाव फैल गया और हिंदू संगठन के लोग आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए थाने पहुंचे तथा उन्होंने बदमाशों को पकडऩे की मांग की। पुलिस ने जब इस मामले की पड़ताल की तो उन्हें पता चला कि मूर्तियां खंडित करने की सबसे पहली सूचना आरोपी सतेंद्र और कामेश तिवारी ने दी थी। इस पर थानेदार को दोनों आरोपियों पर संदेह हुआ। क्योंकि कुछ दिनों पहले वह थाना प्रभारी को हटवाने की बात लोगों से कर रहे थे। पुलिस ने दोनों बदमाशों को पकड़कर जब उनसे सख्ती से पूछताछ की तो उन्होंने उगल दिया कि रात के समय शराब के नशे में धुत्त होकर उन्होंने दोनों मूर्तियां तोड़ी थी। मूर्तियां इसलिए तोड़ी थी ताकि कस्बे में अशांति का वातावरण स्थापित हो और थाना प्रभारी को हटाने की कार्रवाई संभव हो सके।






