सिंधिया साख को बट्टा लगाते जिला कांग्रेस कार्यकारी अध्यक्ष के पुत्र
अशफाक "आफत" 7415317400
अशफाक "आफत" 7415317400
केदार "करामाती" 7999366077
शिवपुरी। शिवपुरी में शिक्षा विभाग के लचर रवैये के कारण कोई भी स्कूल संचालक शिक्षा विभाग एवं प्रशासन को ठेंगा दिखाता हुआ आसानी से देखा जा सकता है। ऐसे मनमानी पर उतारू स्कूल संचालक के खिलाफ कार्यवाही तो दूर की बात जिम्मेदार उसे तलब करने की भी जरूरत नहीं समझते। ऐसा ही एक मामला आज महाशिवरात्रि के धार्मिक अवसर शासकीय अवकाश के दिन शहर से काफी दूर स्थित निजी स्कूल वनस्थली विद्या वेली का सामने आया है। खासबात यह है कि सिंधिया के खास कहे जाने वाले राकेश गुप्ता परिवार के संस्थान वनस्थली विद्या वैली स्कूल में आज शासकीय अवकाश घोषित होने के बावजूद भी शासन के नियमों के विरूद्ध कक्षाएं संचालित होना पाया गया। जबकि आज हिंदू धर्म का एक बड़ा त्योहार महाशिवरात्रि का पर्व है और आज इस पर्व पर सभी स्कूल / कॉलेज में अवकाश घोषित है, बावजूद इसके सिंधिया के करीबी होने का फायदा उठाते हुए जबरदस्ती स्कूल को संचालित किया जा रहा था। जब इनसे बात की गई तो ये बच्चों की परीक्षाएं नजदीक होने की बात करते नजर आये। जबकि अभी कुछ दिन पूर्व इन्हीं डायरेक्टर साहब की शादी हुई है और उस समय स्कूल को 2 दिवस के लिए बंद किया गया था तब क्या स्कूल प्रबंधक को बच्चों के पेपर फिक्र नहीं थी..? स्कूल संचालक द्वारा दिया गया बयान एक जिम्मेदारी भरा कम बल्कि कुतर्क अधिक लगता है क्योंकि पढ़ाई तो पूरे साल की जाती है, न कि एक दिन में पूरी हो जाती है। इसलिए परीक्षाओं का हवाला देकर शासन के नियमों का उल्लंघन करना कहीं न कहीं स्कूल संचालक की मनमानी और हठधर्मिता को इंगित करता प्रतीत हो रहा है।
शिवपुरी। शिवपुरी में शिक्षा विभाग के लचर रवैये के कारण कोई भी स्कूल संचालक शिक्षा विभाग एवं प्रशासन को ठेंगा दिखाता हुआ आसानी से देखा जा सकता है। ऐसे मनमानी पर उतारू स्कूल संचालक के खिलाफ कार्यवाही तो दूर की बात जिम्मेदार उसे तलब करने की भी जरूरत नहीं समझते। ऐसा ही एक मामला आज महाशिवरात्रि के धार्मिक अवसर शासकीय अवकाश के दिन शहर से काफी दूर स्थित निजी स्कूल वनस्थली विद्या वेली का सामने आया है। खासबात यह है कि सिंधिया के खास कहे जाने वाले राकेश गुप्ता परिवार के संस्थान वनस्थली विद्या वैली स्कूल में आज शासकीय अवकाश घोषित होने के बावजूद भी शासन के नियमों के विरूद्ध कक्षाएं संचालित होना पाया गया। जबकि आज हिंदू धर्म का एक बड़ा त्योहार महाशिवरात्रि का पर्व है और आज इस पर्व पर सभी स्कूल / कॉलेज में अवकाश घोषित है, बावजूद इसके सिंधिया के करीबी होने का फायदा उठाते हुए जबरदस्ती स्कूल को संचालित किया जा रहा था। जब इनसे बात की गई तो ये बच्चों की परीक्षाएं नजदीक होने की बात करते नजर आये। जबकि अभी कुछ दिन पूर्व इन्हीं डायरेक्टर साहब की शादी हुई है और उस समय स्कूल को 2 दिवस के लिए बंद किया गया था तब क्या स्कूल प्रबंधक को बच्चों के पेपर फिक्र नहीं थी..? स्कूल संचालक द्वारा दिया गया बयान एक जिम्मेदारी भरा कम बल्कि कुतर्क अधिक लगता है क्योंकि पढ़ाई तो पूरे साल की जाती है, न कि एक दिन में पूरी हो जाती है। इसलिए परीक्षाओं का हवाला देकर शासन के नियमों का उल्लंघन करना कहीं न कहीं स्कूल संचालक की मनमानी और हठधर्मिता को इंगित करता प्रतीत हो रहा है।
अधिकारी नहीं जुटा पाएंगे कार्यवाही की हिम्मत
यहां बता दें कि वर्तमान में प्रदेश में कांग्रेस की सरकार है और प्रदेश ही नहीं, बल्कि देश के दिग्गज श्री सिंधिया से न केवल घनिष्ठ संबंध हैं बल्कि स्कूल संचालक के पिता स्वयं जिला कांग्रेस के कार्यकारी अध्यक्ष हैं। तो ऐसी स्थिति में शिक्षा विभाग के अधिकारी कार्यवाही तो दूर की बात, जबाव तलब करने की भी हिम्मत नहीं जुटा पाएंगे। ऐसी स्थिति में तो यही कहा जा सकता है राजनैतिक पहुंच और पकड़ के चलते शासन के नियमों का पालन करने की बजाय स्कूल संचालक अपने खुद के नियमों पर अधिक विश्वास करते हैं।
शिक्षा विभाग के जिम्मेदारों ने नहीं उठाए फोन
इस संबंध में जिला शिक्षा अधिकारी अजय कटियार से मोबाइन नंबर 7007053037 एवं बीआरसीसी अंगद सिंह तोमर से मोबाइन नंबर 8085603045 पर कई बार कॉल लगाकर संपर्क करना चाहा गया, लेकिन दोनों ही मोबाइल नंबर पर कॉल रिसीव नहीं किया गया। अब जिम्मेदारों की जिम्मेदारी का अंदाजा इस बात से लगाया जा सकता है कि जब यह मीडिया के ही कॉल रिसीव नहीं करते तो अभिभावक एवं आम लोगों को फोन रिसीव करना दूर की बात है।
इनका कहना है
आपके द्वारा मामला संज्ञान में लाया गया है। मामले को दिखवाते हैं।
यहां बता दें कि वर्तमान में प्रदेश में कांग्रेस की सरकार है और प्रदेश ही नहीं, बल्कि देश के दिग्गज श्री सिंधिया से न केवल घनिष्ठ संबंध हैं बल्कि स्कूल संचालक के पिता स्वयं जिला कांग्रेस के कार्यकारी अध्यक्ष हैं। तो ऐसी स्थिति में शिक्षा विभाग के अधिकारी कार्यवाही तो दूर की बात, जबाव तलब करने की भी हिम्मत नहीं जुटा पाएंगे। ऐसी स्थिति में तो यही कहा जा सकता है राजनैतिक पहुंच और पकड़ के चलते शासन के नियमों का पालन करने की बजाय स्कूल संचालक अपने खुद के नियमों पर अधिक विश्वास करते हैं।
शिक्षा विभाग के जिम्मेदारों ने नहीं उठाए फोन
इस संबंध में जिला शिक्षा अधिकारी अजय कटियार से मोबाइन नंबर 7007053037 एवं बीआरसीसी अंगद सिंह तोमर से मोबाइन नंबर 8085603045 पर कई बार कॉल लगाकर संपर्क करना चाहा गया, लेकिन दोनों ही मोबाइल नंबर पर कॉल रिसीव नहीं किया गया। अब जिम्मेदारों की जिम्मेदारी का अंदाजा इस बात से लगाया जा सकता है कि जब यह मीडिया के ही कॉल रिसीव नहीं करते तो अभिभावक एवं आम लोगों को फोन रिसीव करना दूर की बात है।
इनका कहना है
आपके द्वारा मामला संज्ञान में लाया गया है। मामले को दिखवाते हैं।
श्रीमती अनुग्रह पी.
कलेक्टर शिवपुरी
कलेक्टर शिवपुरी









